ज्ञानपुर। पिछले डेढ़ हफ्ते लगातार हो बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। कीचड़ और जलभराव के साथ पेड़ और लोगों के घर ढहने लगे हैं। बृहस्पतिवार को एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान बारिश से धराशायी हो गए। इससे गृहस्थी उजड़ने के साथ ही कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। मोढ़ क्षेत्र के चकचंदा गांव में सीमेंट का शेड गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए हैं। वहीं, सुरियावां के खुशहाल गांव में कच्चा घर गिरने से दो बच्चे और एक गर्भवती महिला मलबे में दबकर घायल हो गई। कभी मूसलाधर तो कभी रिमझिम बरसात से कच्चे घरों की शामत आ गई है। वहीं जगह-जगह हुए भारी जलभराव से आवागमन बाधित हो गया है। ज्ञानपुर नगर स्थित दीवानी न्यायालय परिसर की चहारदीवारी से सटी दो दुकानें बृहस्पतिवार को बारिश के चलते गिर गईं। विजय गुप्ता और कृष्णा गुप्ता की दुकानें गिरीं। ये दुकानें जिला न्यायालय से आवंटित की गईं थीं। इससे खलबली मच गई। नगर से लगे भिदिउरा गांव में धर्मराज तिवारी का कच्चा मकान बारिश से गिर गया। तेजीपुर गांव निवासी विजय बहादुर प्रजापति का ईंट से बना रिहायशी मकान बृहस्पतिवार को सुबह भरभराकर धराशायी हो गया। इससे पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। मोढ़: सुरियावां विकास खंड के चकचंदा गांव में दीनानाथ गौतम का सीमेंट शेड बृहस्पतिवार को भोर में चार बजे के आसपास गिर गया। इससे उसमें सो रहे दीनानाथ का एक बेटा प्रदीप (15) और दो बेटियां कंचन (13) एवं रंजन (11) दब गए। बगल में सो रहे परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो गांव के लोग जुट गए और बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया। तीनों को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इसी तरह बदलीपुर में चनरा देवी प्रजापति का कच्चा मकान गिर गया। इसमें अनाज और भूसा दबकर नष्ट हो गया। सुरियावां: क्षेत्र के पूरे खुशहाल गांव की दलित बस्ती में लालजी गौतम का कच्चा मकान बारिश के चलते जमींदोज हो गया। इसमें उसकी गर्भवती बहू सुमन (24) और उसके दो बच्चे कन्हैया (3) एवं देव (5) मलबे में दबकर घायल हो गए। आनन-फानन ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। यूपी-100 की पुलिस ने उन्हें मलबे से निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लालानगर: बरसात से क्षेत्र के आधा दर्जन लोगों के कच्चे मकान गिर गए। गोपीगंज थानाक्षेत्र के गांधी गांव में पिछले तीन दिनों से हो रही बरसात से रवि हरिजन पुत्र काशीनाथ, संजय पुत्र जगजीवन, समाधी पुत्र भुईधर, राजेबंद्र कुमार पुत्र मुन्नीलाल, लालजी पुत्र तेजई, सुनील पुत्र लालजी, संजीव पुत्र श्यामधर का मड़हा भरभराकर जमींदोज हो गया। मकान स्वामियों ने बताया कि वे बेहद गरीब हैं और उनके पास रहने के लिए दूसरे मकान नहीं हैं। जिला प्रशासन से आवास की व्यवस्था कराने की मांग की। सीतामढ़ी क्षेतऌ्र के बारीपुर गांव में सुभाषचंद्र पाल का कच्चा मकान बारिश के चलते गिर गया।