गोपीगंज। कोतवाली में पुलिस हिरासत में आटो चालक रामजी मिश्र की मौत और उसके बाद जबरन शव का अंतिम संस्कार करने पर शनिवार को पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतक के परिजन और नागरिक सुबह सड़क हाइवे पर धरने पर बैठ गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया। जाम की खबर लगते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। मौके पर एडीएम और सीओ समेत कई अधिकारी पहुंच गए। एडीएम ने आर्थिक सहायता दिलाने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजन शांत हुए। इस दौरान करीब तीन घंटे तक हाईवे और ज्ञानपुर रोड पर वाहनों की कतारें लगी रहीं।
शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे फूलबाग निवासी रामजी मिश्र की गोपीगंज थाने में पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रात करीब 10 बजे रामपुर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार वालों ने जबरन अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को सुबह सात बजे ज्ञानपुर रोड पर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे ज्ञानपुर रोड पर जाम लगाने के बाद लोगों ने इलाहाबाद-वाराणसी हाईवे पर जाम कर दिया। इससे दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारी मृतक के मकान का न्यायोचित बंटवारा करा कर परिजनों को तुरंत कब्जा दिलाने, परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक मदद दिलाने, हिरासत में मौत के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, बच्चों की पढ़ाई और शादी की व्यवस्था, पारिवारिक लाभ व विधवा पेंशन के साथ मृतक के श्राद्ध कर्म के लिए आर्थिक सहायता की मांग कर रहे थे। खबर मिलने पर कोतवाली प्रभारी, सीओ, एएसडीएम अमृता सिंह के साथ एडीएम राम सिंह वर्मा मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने परिवार वालों की मांगों को मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह 10 बजे जाम समाप्त हुआ।