ज्ञानपुर। मदिरा की दुकानों के आवंटन को लेकर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा। हालांकि तकनीकी खामी के चलते ई-लाटरी सिस्टम फेल हो गया और दुकानों का आवंटन नहीं हो सका। प्रमुख सचिव सूक्ष्म एवं लघु उद्योग और जिले के नोडल अधिकारी अनिल कुमार से लेकर आला अधिकारी रात आठ बजे तक डटे रहे लेकिन गड़बड़ी दूर नहीं हो पाई। इसके बाद बाद प्रमुख सचिव लखनऊ लौट गए।
मदिरा दुकानों के आवंटन को पारदर्शी बनाने के लिए शासन की ओर से पहली बार ई-लाटरी सिस्टम अपनाया गया था। 214 दुकानों के लिए आए करीब डेढ़ हजार आवेदनों को रैंडमाइजेशन के माध्यम से खोलना था। बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे से प्रक्रिया शुरू होनी थी जिसको लेकर आवेदक सुबह नौ बजे से ही कलेक्ट्रेट पहुंच गए। पहली बार व्यवस्था होने के चलते तकनीकी खामी आने से सुबह 11 बजे से रात आठ बजे तक सुधार नहीं हो सका। जिसके चलते ई लाटरी सिस्टम से आवंटन नहीं हो पाया। दोपहर करीब एक बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे नोडल अधिकारी अनिल कुमार शाम चार बजे तक व्यवस्था को देखा लेकिन तकनीकी समस्या खत्म न होने से वह लखनऊ चले गए हालांकि इस दौरान जिलाधिकारी विशाख जी, एडीएम राम सिंह वर्मा, एसडीएम ज्ञानपुर आशीष कुमार, आबकारी अधिकारी आरपी चौहान समेत अन्य अफसर समस्या सुधरने का इंतजार करते रहे। वहीं दूसरी ओर आवेदन करने वाले सैकड़ो लोग जिला मुख्यालय पर देर रात तक डटे रहे। इससे कलेक्ट्रेट पर गहमागहमी का माहौल रहा। जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि रात साढ़े आठ बजे तक तकनीकी समस्या सुधरने का अनुमान है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। बताते चलें कि जिले में देशी की 135 दुकानों के लिए 740 आवेदन आए थे, जिसमें सात निरस्त हो गए। विदेशी मदिरा की 42 दुकानों के लिए 567 आवेदन आए , जिसमें तीन निरस्त हुए। माडल शाप के लिए दो जबकि बीयर की 35 दुकानों के लिए 303 लोगों ने आवेदन आए हैं।