चौरी। होली के दिन जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकले राहगीरों से हुड़दंग की आड़ में कुछ लोगों ने अभद्रता की। दर्जन भर राहगीरों के कपड़े फाड़ दिऐ। इतना ही नहीं मजिस्ट्रेट के साथ भी अभद्रता की। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर अभद्रता करने वाले फरार हो गए। पुलिस ने जो मिला, उसे वहीं पीटा। कुछ लोगों के चक्कर में कई बेकसूर पीटे गए।
चौरी बाजार में शुक्रवार को कुछ लोग हुड़दंग की आड़ में राहगीरों के लिए मुसीबत बन रहे थे। इलाज आदि कामों के लिए निकले राहगीरों को रंग ही नहीं लगाया, उनके कपड़े तक फाड़ दिए। विरोध करने पर राहगीरों के संग अभद्रता भी की। इस दौरान कई राहगीरों ने यूपी-100 से मदद मांगी। अभी यह सब चल रहा था कि मजिस्ट्रेट लिखी आ रही कार को भी रोक दिया लिया गया। कार में बैठे व्यक्ति ने उतरकर रंग लगवाया और होली की बधाई दी। लेकिन, कुछ दूर आगे बढ़ने पर कार को फिर रोक लिया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने सारी हदें पार कर दीं। कार में बैठे व्यक्ति अपने आपको नायब तहसीलदार बताता रहा, लेकिन अपने आपको हुड़दंगई से बचा नहीं पाया। हालांकि इस दौरान कुछ लोग हरकत का विरोध भी कर रहे थे। लेकिन, उनकी एक भी न चली। इस बीच भारी संख्या में पुलिस बल के जवानो को देख सभी भागने लगे। पुलिस ने जो जहां मिला, उसे वही पीटा। पुलिस की सख्ती के आगे अधिकतर लोग अनायास ही पिट गए। चौरी थानाध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि अराजक तत्वों ने नायब तहसीलदार के साथ अभद्रता की है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।