वाराणसी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा के दरबार और काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में मत्था टेका। दोनों नेता दोनों मंदिरों में करीब 40 मिनट तक रहे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
शाम 5:08 बजे दोनों नेता काल भैरव के दरबार पहुंचे। मंदिर में दोनों ने कालभैरवाष्टक मंत्र के जाप से पूजन-अर्चन किया। 5:21 बजे मंदिर के पुजारी प्रवीण दुबे ने प्रसाद स्वरूप इलाइची दाना और गुलाब का फूल भेंट किया। कालभैरव मंदिर से निकलकर 5:27 बजे सीएम और शाह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। पांच वैदिक ब्राह्मणों ने यहां षोडशोपचार पूजन कराया। अर्चक श्रीकांत मिश्रा, टेकनारायण और राकेश पराशर के आचार्यत्व में पूजन कार्य संपन्न हुआ। इस दौरान वहां मौजूदा कमिश्नर ने ज्ञानवापी परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी। 5:47 बजे दोनों मंदिर से निकल गए।
इस दौरान मैदागिन से लेकर काल भैरव मंदिर तक सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ खड़ी रही। योगी आदित्यनाथ जब मंदिर पहुंचे और कार से नीचे उतरे तो लोगों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। सीएम के साथ दर्शन पूजन करने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी समेत अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस दौरान मुख्यमंत्री के आने से पहले प्रशासन के द्वारा इलाके की दुकानों को सुरक्षा के नजरिए से बंद करा दिया गया था।
भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक
मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के काल भैरव मंदिर में दर्शन से पूर्व मंदिर के पास उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक हो गई। इसके चलते कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। काल भैरव मंदिर के सामने भाजपा के मंडल अध्यक्ष नरेंद्र पांडेय और विपिन मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता फूल-माला लेकर सीएम के स्वागत के लिए खड़े थे। इसी बीच पुलिस ने स्वागत के लिए खड़े कामेश्वर महादेव वार्ड के पार्षद कुंवर कृष्णकांत सिंह को धक्का देकर मुख्य मार्ग से हटाना चाहा। इस पर अन्य कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की हो गई। दोनों नेताओं का काफिला मंदिर के नजदीक पहुंचने पर उच्चाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया।