वाराणसी। शहर की सड़कों और चौराहों से अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू हुआ संयुक्त अभियान दुकानों के बोर्ड और टिन के छज्जे हटाने तक सिमट गया है। शुक्रवार को लहुराबीर से मैदागिन, विशेश्वरगंज से गोलगड्डा और राजघाट तक चले अभियान में तो यही देखने को मिला। कहीं कोई निर्माण नहीं तोड़े गए। कुछ जगहों पर छज्जे तोड़ कर टीम बढ़ती गई और दूसरे दिन का अभियान पूरा हो गया। दो-तीन जगह हल्का विरोध हुआ लेकिन पुलिस ने लोगों को शांत करा दिया।
अभियान के दूसरे दिन दशाश्वमेध जोन के लहुराबीर चौराहे से शुरूआत हुई। चौराहे पर नाली के ऊपर लगे ग्रिल को जेसीबी से हटाने के बाद टीम सेनपुरा और पिपलानी कटरा पहुंची, जहां दुकानों के आगे लगे बोर्ड और टिन तोड़ दिए गए। फिर कोतवाली जोन के कबीर चौरा होते हुए टीम लोहटिया पहुची। यहां एक मकान का बारजा सड़क पर निकला हुआ था, जिसे तोड़ दिया गया। फिर मैदागिन चौराहे से कालभैरव चौराहा होते हुए विशेश्वरगंज तक अभियान चला। इन इलाकों में सड़क किनारे बनीं चाय की भट्ठियों को जेसीबी ने ध्वस्त किया। इसके बाद पीलीकोठी से गोलगड्डा होते हुए राजघाट तक चाय की भट्ठियां, टिन शेड और दुकानों के बोर्ड तोड़े गए। टीम में संयुक्त नगर आयुक्त राकेश यादव, जोनल अधिकारी अवधेश सिंह, अरविंद यादव के अलावा दो सीओ और एसीएम पुलिस साथ चल रही थी। मालूम हो कि स्वच्छता सर्वे के मद्देनजर शहर को साफ-सुथरा बनाने, सड़कों पर कब्जा और जाम मुक्त बनाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए नगर निगम, वीडीए, पीडब्ल्यूडी, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम बनाई गई है।