वाराणसी। लोगों को मतदान से वंचित करने वाले बीएलओ चुनाव आयोग के निशाने पर हैं। जिन क्षत्रों से पूरे मोहल्ले का नाम गायब मतदाता सूची से गायब कर दिया गया है, उन इलाकों के बीएलओ की सूची शिकायत के आधार तैयार की जा रही है। सैक ड़ों लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने मतदाता पुनरीक्षण में नाम जोड़ने का आवेदन किया था लेकिन इसके बाद भी उनका अंतिम बार प्रकाशित सूची में शामिल नहीं किया गया। लोग अफसरों के कार्यालयों का चक्कर लगाते रहे लेकिन नाम शामिल नहीं किए गए। सूत्रों की मानें तो मतगणना के बाद बेपरवाही बीएलओ की जांच कराने के बाद विभागवार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव के लिए जिले में कुल 975 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें नगर निगम में 910 की ड्यूटी लगाई गई थी। बीएलओ की जिम्मेदारी थी कि वह घर-घर जाकर लोगों के नाम पता करें और छूटे मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करने के लिए आवेदन कराएं। इसके लिए अभियान भी चलाया जाए। घर-घर जाकर आवेदन करना तो देर जिन लोगों ने बीएलओ को खोजकर उन्हें नाम जोड़ने का फार्म भरकर दिया उनका नाम भी शामिल नहीं किया गया। इसकी का नतीजा है कि एमएलसी चेतनारायण सिंह, पीएम नरेंद्र मोदी के लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान प्रस्तावक रहे वीरभद्र निषाद, उद्यमी आरके चौधरी जैसे लोगों का नाम मतदाता सूची से गायब था। अकेले वरुणापार जोन में करीब पांच हजार लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार बीएलओ की सूची तैयार की जा रही है। जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।