वाराणसी। चेहल्लुम के उपलक्ष्य में बुधवार को ताजिए का कदीमी जुलूस स्व. बाकर हुसैन के भेलूपुरा स्थित इमामबाड़े से पूरे अकीदत के साथ उठाया गया। जुलूस में अंजुमन जादे आखरत ने नौहा मातम किया। रास्ते में जगह-जगह ताजिए की जियारत करने के लिए बड़ी तादात में ख्वातीन मौजूद रहे। उधर शहर भर में कई जगहों पर मजलिसें भी हुई।
भेलूपुरा इमामबाड़े से निकला जुलूस देर रात शिवाला घाट पर जाकर समाप्त हुआ। इसके पूर्व जाने माने आलिमेदीन हुसैन मेंहदी हुसैनी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि मजलिसों के जरिए समाज को एकता का पैगाम मिलता है। हाजी अनवर ने लोगों का शुक्रिया किया। दूसरी ओर शिवाला स्थित ऋषि बनारसी के इमामबाड़े पर मौलाना नसीर आजमी मुंबई ने नुरानी मजलिस पढ़ी। अंजुमन गुलजारिया अब्बासिया ने नौहा मातम किया। नया पान दरीबा स्थित मजाहिर अली के निवासी पर आठवें दिन भी मजलिस का आयोजन हुआ। जिसमें मौलाना हैदर मेंहदी इमामे जुमा चंदौली ने खिताब किया। यहां अंजुमन हैदरी चौक ने नौहा मातम किया। हजरत अली कमेटी के सचिव सैयद फरमान हैदर ने बताया कि गुरुवार नौ नवंबर को शहर में चेहल्लुम की पूर्व संध्या पर पांच जगहों(शिवाला में दो , दोषीपुरा, मुकीमगंज एवं चौहट्टालाल खां) से जुलूस निकाला जाएगा।