बीते 28 अगस्त को अधिवक्ता जिलाजीत सिंह से मारपीट के मामले में निलंबित सिपाही गौतम सोमवार की देर रात दस बजे के बाद अधिवक्ता के घर अमदहां पहुंचकर हत्या करने की धमकी देने लगा। परिवार के लोगों ने आरोपी को पकड़ने के बाद एसपी को सूचित किया। एसपी के निर्देश पर अमदहां चौकी इंचार्ज तीरथराज यादव धमकी देने वाले निलंबित सिपाही को पकड़कर नौगढ़ थाने ले आए और आवश्यक कार्यवाही हेतु नौगढ़ थानाध्यक्ष को सौंप दिया।
नौगढ़ थानाध्यक्ष ने बताया कि बीते 28 अगस्त को अमदहां पुलिस चौकी के सिपाही गोलाबाद गांव में तलाशी के दौरान गांव की महिलाओं से अभद्रता कर रहे थे। सूचना के बाद पहुंचे अधिवक्ता जिलाजीत सिंह ने सिपाहियों को अभद्रता करने से मना किया। नहीं मानने पर सिपाहियों की हरकतों की वीडियो बनाने लगे। इससे गुस्साए सिपाहियों ने अधिवक्ता की पिटाई कर दी। जिससे उसका दांत तो टूटा ही हाथ भी टूट गया। रात में ही पुलिसकर्मी अधिवक्ता को नौगढ़ थाने ले आए। अगले दिन 29 अगस्त को सूचना के बाद चकिया, मुगलसराय, सकलडीहा और चंदौली के वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। एसपी ने मामले की गंभीरता को देख घटना में शामिल तीनों सिपाहियों अनुज, शैलेंद्र और गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा मामले की जांच एएसपी नक्सल वीरेंद्र यादव को सौंपा। जांच में तीनों सिपाही दोषी पाए गए और उन्हें निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया। अधिवक्ता जिलाजीत सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां तीनों सिपाहियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए आवेदन किया है। केस वापस लेने के लिए अधिवक्ता को सितंबर में भी धमकियां दी गई थीं। वहीं देर रात दस बजे के बाद अचानक बिजली कटते ही गौतम बाइक से अधिवक्ता के घर पहुंचा और दरवाजे से बाहर निकलने को कहा। न निकलने पर हत्या की धमकी दी। इससे परिवार वाले उसे घेरकर पकड़ लिए और एसपी को सूचना दी। एसपी के निर्देश पर देर रात साढ़े दस बजे अमदहां पुलिस चौकी इंचार्ज तीरथराज यादव निलंबित सिपाही को पकड़कर नौगढ़ थाने ले आए और और आवश्यक कार्यवाही हेतु नौगढ़ थानाध्यक्ष को सौंप दिया। गौरतलब है कि अधिवक्ता जिलाजीत सिंह अदमहां क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं और अविश्वास प्रस्ताव के बाद ब्लाक प्रमुख की नजर जिलाजीत पर टिकी है।