वाराणसी। सर्वविद्या की राजधानी काशी में नौ दुर्गा के नौ स्वरूपों का तेजपुंज बुधवार की रात दमक उठा। गुरुवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र में जगदंबा की नौ दिवसीय शक्ति आराधना आरंभ होगी। कलश स्थापना के साथ कहीं सुख, समृद्धि, शांति के लिए कहीं दुर्गा शप्तसती के पाठ होंगे तो कहीं अखंड दीप जलाकर मां की महिमा का बखान होगा। नवरात्र की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देवी मंदिरों को फूलों, लतरों से सजा दिया गया है।
इस बार शारदीय नौ दिन का होगा। गुरुवार की सुबह हस्त नक्षत्र में प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की सविधि नौ दिवसीय शक्ति आराधना होगी। सुबह 9:57 बजे कलश स्थापन होगा। मंत्रोच्चार के साथ यथाशक्ति सनातनधर्मी कलश स्थापन कर मां की आराधना करेंगे। अभिजीत मुहूर्त मध्याह्न 11.36 से 12.24 तक रहेगा। कलश स्थापन के लिए यह एक विशिष्ट समय साबित होगा। नवरात्र में कई तरह से भगवती की आराधना का विधान है लेकिन दो प्रमुख विधियां सनातनी अपनाएंगे। घरों में आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक तक कलश स्थापित कर दुर्गा की आराधना और पाठ किया जाएगा। दूसरे पंडालों में होगी जगत जननी जगदंबा की त्रिदिवसीय शक्ति पूजा। तीन दिनी शक्ति पूजा बंगीय संस्कृति की देन है। पंडालों में पूजा के महोत्सव की होड़ मची है। कहीं न्यू जर्सी का राम मंदिर तो कहीं कटप्पा और बाहुबली के रूप में झांकियां सजाने की तैयारी है।
नौका पर जगदंबा का आगमन शुभ फलदायी
वाराणसी। सप्तमी तिथि के दिन 27 सितंबर को पूजा पंडालों में भगवती की नयनाभिराम प्रतिमाओं की सविधि प्रतिष्ठापना होगी। इसी दिन से मां के आगमन और वाहन की सावरी का फलित होगा। बुधवार के दिन सप्तमी को भगवती का आगमन नौका पर होगा। नौका पर जगदंबा का आगमन शुभफलदायी है। विजया दशमी के दिन शनिवार को भगवती चरणायुध यानी मुर्गा पर विदा होंगी। महावीर पंचांग के संपादक रामेश्वर ओझा के मुताबिक मां का आगमन और गमन दोनों की इस बार अत्यंत शुभ फलदायक होगा।
मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए लगी लंबी कतार
वाराणसी। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन काशी में मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ेगा। बुधवार की रात 12 बजे ही वरुणा नदी के किनारे मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। जयकारे गूंजने लगे। कज्जाकपुरा से शैलपुत्री तक श्रद्धालुओं की तांता लग गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।