वाराणसी। उत्पीड़न की शिकायत पर बीएचयू की एक छात्रा को हास्टल से निष्कासित कर दिया गया है। छात्रा के खिलाफ करीब 20 लड़कियों ने लिखित शिकायत की है कि वो उनसे जबरदस्ती बातचीत का दबाव बनाती है और बात न करने पर सुसाइड करने की धमकी देती है। मामला बीएचयू के महिला महाविद्यालय का है। मामले को गंभीरता से लेते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रा को एक सेमेस्टर के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। छात्रा के परिजनों को बुलाकर उसे फिलहाल घर भेज दिया गया है। हालांकि सोशल मीडिया पर छात्रा के इस निष्कासन मामले ने तूल पकड़ लिया है।
बीएचयू महिला महाविद्यालय की बीए प्रथम वर्ष की दिव्यांग छात्रा पर आरोप है कि वो अपनी रूममेट्स और दूसरी छात्राओं को परेशान करती है। एमएमवी के शांतिकुंज हॉस्टल की छात्राओं ने सप्ताह भर पहले अपनी हॉस्टल वार्डन से लिखित शिकायत की थी कि छात्रा उन पर जबरदस्ती बातचीत करने का दबाव बनाती है। बात न करने पर वो आत्महत्या की धमकी देती है। एक छात्रा ने ये भी बताया कि एक दिन उसने खुद को रूम में लॉक कर लिया था जिससे हम सभी काफी परेशान हो गए थे।
इस बारे में हॉस्टल की समन्वयक डॉ. नीलम अत्रि का कहना है कि छात्रा के खिलाफ महीने भर पहले 15 छात्राएं शिकायत लेकर आईं थीं। उस वक्त उसे समझाया गया था लेकिन सप्ताह भर पहले उन्हीं छात्राओं की ओर से लिखित शिकायत की गई। इस मामले को गंभीरता से लिया गया। दूसरी छात्राओं की परेशानी देखते हुए हॉस्टल प्रशासन ने उस छात्रा को एक सेमेस्टर के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। छात्रा को शुरुआत में पढ़ाई में दिक्कत हो रही थी, उसकी सहपाठियों व रूममेट ने उसकी मदद की। ये हो सकता है कि बाद में जब उन्होंने पढ़ाई में उसकी मदद करना बंद कर दिया हो तो वो खुद को अकेला व उपेक्षित महसूस करने लगी हो। यही वजह थी कि हमने उसके परिवार वालों को बुलाकर उसे घर भेज दिया है। अगर छात्रा के व्यवहार में परिवर्तन आता है कि अगले सेमेस्टर से उसे हास्टल एलॉट कर दिया जाएगा।