वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के सनातन तीर्थों, मंदिरों को जोड़ने वाली सड़कों को ‘पावन पथ’ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। काशी विश्वनाथ मंदिर को केंद्र में रखकर द्वादश ज्योर्तिलिंगों, नौ गौरी, नौ दुर्गा मंदिरों, अष्ट भैरव के दरबारों, छप्पन विनायकों के अलावा महा मृत्युंजय महादेव, तिलभांडेश्वर, गौरी केदारेश्वर जैसे सनातनी आस्था के प्रतीक तीर्थ, मंदिरों को इस योजना में शामिल करने के संकेत दिए।
अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन शनिवार को मुख्यमंत्री ने नौ प्रमुख समाचार पत्रों के संपादकों और उनके वरिष्ठ सहयोगियों को खास मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था। देर शाम सर्किट हाउस में वह संपादकों से मिले। वाराणसी में यह पहला मौका है, जब मुख्यमंत्री ने सकारात्मक पहल करते हुए संपादकों से मिलकर काशी के विकास के लिए उनसे सुझाव मांगे। संपादकों ने सीएम को वाराणसी की पहचान वरुणा और असि नदियों के उद्धार के अलावा खस्ताहाल सड़कों, रोजाना लगने वाले अनियमित बिजली आपूर्तिं, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और पर्यटन और तीर्थाटन के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने सुझावों को अमल में लाने का भरोसा दिया।
बातचीत के क्रम में सीएम ने कहा कि तीर्थनगरी काशी के ‘पावन पथ’ पर गड्ढे नहीं होंगे। पथ प्रकाश की अच्छी व्यवस्था होगी। कूड़ा निस्तारण का सुव्यवस्थित प्रबंध कराया जाएगा। सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। कई जगहों पर एलीवेटेर का निर्माण होगा, ताकि पुरातन शहर के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न हो और आवागमन बेहतर हो। माना कि आईपीडीएस के काम के चलते सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। ये काम 15 अक्तूबर तक पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद सड़कों का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार राजनीतिक कारणों से काशी के विकास में बाधाएं पैदा कर रही थी। अब विभागीय समन्वय स्थापित कर इसे दूर करा दिया गया है। बनारस के अस्तित्व को बताने वाली वरुणा और असि नदियों के संरक्षण के सवाल पर सीएम ने कहा कि वरुणा में चैनलाइजेशन का काम कराया जा रहा है। नमामि गंगे के तहत जब एसटीपी का निर्माण हो जाएगा तो गंगा प्रदूषण मुक्त हो जाएगी। यातायात के बेहतर साधन होंगे। सीएम ने कहा कि हृदय, अमृत, प्रसाद जैसी योजनाओं के जरिए काशी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। बोले- काशी की पहचान यहां के घाटों से हैं। सफाई और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बेहतर कराया जाएगा। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि स्वच्छता की रैंकिंग में 32 वें स्थान से नंबर वन पर आने के लिए काम करें। उम्मीद जताई कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम डेढ़-दो माह में पूरा हो जाएगा। फिर कूड़ा निस्तारण की समस्या समाप्त हो जाएगी।