एडीसीपी ट्रैफिक की देखरेख में 10 सितंबर से कमिश्नरेट के काशी जोन में कलर कोड के आधार पर होगा संचालन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। कमिश्नरेट के काशी जोन के 11 थाना क्षेत्रों में 10 सितंबर से लाल, पीले, हरे और नीले रंग के क्यूआर कोड आधारित चार रूट पर ई-रिक्शा चलेंगे। नई व्यवस्था का पालन सुनिश्चित हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व चार ट्रैफिक इंस्पेक्टर के साथ ही निगरानी की व्यवस्था चार एसीपी और 11 थानाध्यक्ष को सौंपी गई है। पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय को सौंपी गई है।
नई व्यवस्था के तहत आदमपुर, जैतपुरा और कोतवाली थाना क्षेत्र के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शा इन्हीं इलाकों में चल सकेंगे। यह रूट नंबर एक है और यहां के ई-रिक्शा को लाल रंग का क्यूआर कोड दिया जाएगा। इसी तरह से चेतगंज, सिगरा, दशाश्वमेध, चौक और लक्सा थाना क्षेत्र के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शा भी इन्हीं क्षेत्र में चल सकेंगे। यह रूट नंबर दो है और यहां के ई-रिक्शा को पीले रंग का क्यूआर कोड दिया जाएगा। भेलूपुर थाना क्षेत्र के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शा इसी क्षेत्र में चल सकेंगे। यह रूट नंबर तीन है और यहां के ई-रिक्शा को हरे रंग का क्यूआर कोड दिया जाएगा। लंका और चितईपुर थाना क्षेत्र के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शा इन्हीं क्षेत्र में चल सकेंगे। यह रूट नंबर चार है और यहां के ई-रिक्शा को नीले रंग का क्यूआर कोड दिया जाएगा। भिखारीपुर से लहरतारा तक वरुणा जोन के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शा चलेंगे।
9-10 सितंबर को ई-रिक्शा चालक करेंगे हड़ताल
कमिश्नरेट के काशी जोन में ई-रिक्शा के संचालन की नई व्यवस्था का अखिल भारतीय ई-रिक्शा चालक यूनियन के अध्यक्ष प्रवीण काशी ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि नौ और 10 सितंबर को बनारस में ई-रिक्शा चालक हड़ताल पर रहेंगे। शास्त्री घाट पर तीन दिन से अनशन पर बैठे प्रवीण काशी ने शनिवार को कहा कि ऑटो वालों को चलने की छूट है और ई-रिक्शा वालों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। ई-रिक्शा को कैंट स्टेशन जाने से रोका जा रहा है। सभी कॉमर्शियल वाहनों को एकसमान तरीके से कमाई का अवसर देना चाहिए। उन माफिया को चिह्नित करना चाहिए, जिनके पास 10 से लेकर 100 ई-रिक्शा तक हैं। अखिल भारतीय ई-रिक्शा चालक यूनियन बार कोड लगाने और इलाके के अनुसार संचालन की व्यवस्था का पूर्ण विरोध करता है।