पहली बार सात दिवसीय रहा दुर्गाकुंड संगीत समारोह
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। दुर्गा कुंड संगीत समारोह का आयोजन पहली बार भव्य स्वरूप में नजर आया। सात दिन में 75 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए मां के दरबार में हाजिरी लगाई। अनवरत 80 घंटे की संगीत साधना में दो लाख से अधिक श्रद्धालु और श्रोताओं ने भी माता के दरबार में संगीत समारोह का भरपूर आनंद उठाया।
दुर्गाकुंड की मां कूष्मांडा का सात दिवसीय शृंगार महोत्सव 31 अगस्त से आरंभ हुआ और छह दिसंबर को भरत शर्मा व्यास के सुरों के साथ महोत्सव पूर्ण हुआ। राम आएंगे फेम स्वाति मिश्रा के सुरों से मां महादुर्गा का दरबार सजा तो दिल्ली के सांसद व भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने भी हाजिरी लगाई। छह सितंबर तक अनवरत चलने वाले संगीत समारोह में पद्म अवार्डी सहित 75 कलाकारों ने मां दुर्गा के चरणों में हाजिरी लगाई। सात दिनों तक महादुर्गा का अलग-अलग राजर्षि शृंगार के भी दर्शन श्रद्धालुओं ने किए। यह पहला मौका था जब आयोजन को सात दिन तक विस्तार दिया गया था। कार्यक्रम संयोजक पंडित विकास दुबे के अनुसार चार दिनों तक शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम आयोजित हुए और बाकी तीन दिन लोकसंगीत की धार में श्रोता गोते लगाते रहे।