फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

36 घंटे बाद भी नहीं दी तहरीर 

Mon, 09 May 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
बीएचयू में धमाके बाद से सील की गई अस्पताल की पुरानी इमरजेंसी।
विज्ञापन
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार दोपहर 12:50 बजे हुए ब्लास्ट को लेकर बीएचयू प्रशासन ऊहापोह की स्थिति में है। एक तरफ तो विश्वविद्यालय प्रशासन ब्लास्ट को साजिश बता रहा है वहीं दूसरी ओर घटना के 36 घंटे गुजर जाने के बाद भी उसकी ओर से प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कराई गई है। सुरक्षा एजेंसियों की अब तक की सारी तफ्तीश मौखिक निर्देशों के आधार पर ही जारी है। पुलिस-प्रशासन भी हैरत में है कि धमाके के पीछे साजिश की आशंका जताने वाले बीएचयू के अधिकारियों ने आखिरकार मामले को लेकर तहरीर क्यों नहीं दी।
विज्ञापन


बीएचयू के आपात चिकित्सा कक्ष में शनिवार दोपहर जबरदस्त धमाका हुआ था। उस समय अस्पताल का आपात चिकित्सा कक्ष मरीजों, तीमारदारों से भरा था। कमरे की एक दीवार ढहने, खिड़कियों के शीशे चकनाचूर होने और फाल्स सीलिंग गिरने से हर तरफ भगदड़ मच गई। हादसे में 27 लोग घायल हो गए थे। मामले को लेकर एटीएस, आईबी, फोरेंसिक एक्सपर्ट और पुलिस ने तफ्तीश शुरू की लेकिन घटना के 24 घंटे बाद भी बीएचयू प्रशासन की ओर से लंका पुलिस को तहरीर नहीं दी गई। हालांकि पुलिस ने रविवार को इमरजेंसी वार्ड के सीसीटीवी सिस्टम की हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया।

हार्ड डिस्क से सीसीटीवी फुटेज निकालकर कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिरकार धमाका कब और कैसे हुआ। क्षेत्राधिकारी भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हो सकता है कि बीएचयू प्रशासन द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद तहरीर मिले। एटीएस, बीडीएस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की अब तक की जांच में कहीं से भी यह सामने नहीं आया है कि धमाका किसी विस्फोटक पदार्थ के कारण हुआ है। उधर, विस्फोट की घटना को लेकर रविवार कहीं कोई खौफ नहीं दिखा। मरीजों की भीड़ इस कदर उमड़ी कि नवनिर्मित भवन में फौरी तौर पर शुरू की गई इमरजेंसी में बेड कम पड गए। ऐसे में स्ट्रेचर पर भी कई मरीज भर्ती किए गए। कई को वार्डों में भर्ती किया गया। परिसर में हालात पूरी तरह सामान्य दिखे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें