शहर में विभिन्न उपकेंद्रों से जुड़े 36 फीडर ओवरलोड हैं। लोड बांटा नहीं गया तो गर्मी में हालात ज्यादा खराब हो जाएंगे और फॉल्ट के कारण लोगों को बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ेगा।
जर्जर तार-पोल और ट्रांसफॉर्मरों की समस्या से जूझ रहे बिजली सिस्टम में तमाम खामियां हैं। इस बीच आने वाली गर्मी में बढ़ने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए डिस्कॉम की पर्याप्त तैयारी नहीं है। इनमें कई फीडरों पर जरूरत से ज्यादा आपूर्ति का भार भी एक समस्या है। नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम में 33 केवी के छह और 11 केवी के 14 फीडर ओवरलोड हैं। जबकि सर्किल द्वितीय में 16 फीडर ओवरलोड हैं। गोदौलिया, मछोदरी, बड़ालालपुर समेत विभिन्न बिजली उपकेंद्रों से संचालित शहर के 36 फीडर ओवरलोड हैं। इसके अलावा बिजली चोरी के कारण होने वाला लाइन लॉस भी लोड बढ़ने का कारण माना जा रहा है। अधीक्षण अभियंता अनूप सक्सेना के मुताबिक कई फीडरों का लोड कम करने के लिए योजना बनाई गई है। उन पर काम कराया जाएगा।