वाराणसी। आवाज के जादूगर मोहम्मद रफी साहब का जन्मदिन 24 दिसंबर मनाया जाता है। भैंसासुर घाट पर चल रही सुरगंगा की सोमवार की शाम उन्हीं को समर्पित रही।
कार्यक्रम की श्ुारूआत जीवन यात्रा पर आधारित रही। संचालिका शालिनी सिंह ने मोहम्मद रफी को याद करते हुए यामिनी यदुवंशी और नव्या सिंह को मंच पर आमंत्रित किया। दोनों कलाकारों ने मोहम्मद रफी के नगमों की एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर माहौल को सदाबहार बना दिया। अगली प्रस्तुति म्यूजिक एवं डांस प्लेनेट ग्रुप से गुरु वंदना और शिव वंदना से हुई। जिसमें श्रेया पटेल स्नेहा दुबे सृष्टि यादव ने अपनी प्रस्तुतियां दी। इसके बाद स्कूली बच्चों ने समूह गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में जोश भर दिया। कलाकार विनीत दिवेदी ने मां की ज्योति जलती रहे भजन प्रस्तुत किया। कलाकार पीयूष मिश्रा ने मोहम्मद रफी को नमन करते हुए एक गीत मधुबन में राधिका नाचे रे प्रस्तुत किया जो की राग हमीर पर आधारित था अैौर नैन लड़ जाई है तो मनवा मा कसक होईबे करी प्रस्तुत किया। इस पर उत्साहित श्रोताओं ने हर हर महादेव का उद्घोष किया और जोरदार तालियों से कलाकारों का स्वागत किया।