वाराणसी। बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के सूक्ष्म जैविकी विभाग द्वारा आयोजित ‘इंडियन एकैडमी ऑफ़ ट्रॉपिकल पैरासाइटॉलॉजी’ वार्षिक सम्मेलन का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने परजैविक बीमारियों पर नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की। सिक्किम मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज और आईएमएस बीएचयू के शोधार्थियों द्वारा 5 प्रपत्र प्रस्तुत किये गए। इस दौरान प्रो. श्याम सुदर और प्रो राकेश कुमार सिंह ने कालाज़ार पर शोध के क्षेत्र में बीएचयू के योगदान के बारे में सभी को विस्तार से बताया।
केएन उडप्पा सभागार में आयोजित समारोह में एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. सरमन सिंह भारत में त्वचीय कालाजार के अलग-अलग पक्षों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उपेक्षित उष्ण कटिबंधीय संक्रमणों जैसे न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस और ट्राइकोमोनिएसिस पर प्रो. राकेश सहगल, पीजीआईएमईआर,चंडीगढ़ और डॉ. मंजूबाला, डीडीजी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में एस सी पारिजा व्याख्यान अवार्ड प्रो प्रदीप दास, निदेशक, राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, पटना को बिहार के वैशाली जिले में कालाज़ार के नियंत्रण में उनके योगदान के लिए दिया गया।