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दो विद्यालय बाहर हुए, पांच केंद्र बढ़ेंगे

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ज्ञानपुर। आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की कवायद तेज हो गई है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या सात हजार बढ़ गई है। इसको देखते हुए पांच परीक्षा केंद्र बढ़ाने की संस्तुति की जाएगी। वहीं, परीक्षा में सुचिता को तार-तार करने वाले दो विद्यालयों को इस बार केंद्र नहीं बनाया जाएगा। शिक्षा विभाग 31 अगस्त तक परीक्षा केंद्रों सूची को अंतिम रूप देकर बोर्ड को भेज देगा। यूपी बोर्ड की सत्र 2019 की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। राजकीय, शासकीय और वित्तविहीन स्कूलों से बोर्ड की वेबसाइट पर कमरे, खेल का मैदान, बाउंड्रीवाल, शिक्षकों की संख्या, वाइस रिकार्डर सीसीटीवी, शौचालय समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को अपलोड करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग की गठित टीम स्कूलों का निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन कर रही है। विभागीय आंकड़ो पर गौर किया जाए तो इस बार होने वाली बोर्ड परीक्षा में सभी बिंदुओं पर नजर रखी जा रही है। जिन स्कूलों का मानक पूरा नहीं होगा वह केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। विभागीय सूत्रों की माने तो पूर्व की परीक्षा में सुचिता ध्वस्त करने वाले दो केंद्र चिन्हित हुए हैं, उन्हें इस बार केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार ने कहा कि केंद्र निर्धारण के लिए स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का सत्यापन किया जा रहा है। बोर्ड की वेबसाइट पर प्रबंधक स्कूल की सुविधाओं को आनलाइन अपलोड कर रहे हैं। 31 तक केंद्र निर्धारण की फाइनल सूची तैयार हो जाएगी। 2018 की परीक्षा में कुछ केंद्रो ने गड़बड़ी की थी, उनकी शिकायत मिली है। उन केंद्रो में सुविधाएं भी मयस्सर नहीं है। उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा हालांकि छात्रों की संख्या बढ़ने से पांच केंद्र बढ़ाए जा सकते हैं।
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