वाराणसी। छावनी बोर्ड के सदस्यों ने बोर्ड उपाध्यक्ष के साथ पीएम के संसदीय कार्यालय में शनिवार को नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को ज्ञापन सौंपा। सदस्यों ने बोर्ड को धौंस के साथ चलाने का आरोप लगाते हुए बोर्ड के कामकाज में सैन्य प्रशासन के व्यवहार की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
सदस्यों ने प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री को संबोधित पत्रक में कहा कि एक होटल को लाभ पहुंचाने के लिए छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी व पदेन अध्यक्ष सैन्य अधिकारी मनमाने फैसले थोपना चाहते हैं। सदन की परंपरा को ताक पर रखकर प्रेस को कार्रवाई कवरेज से रोका गया। इसका विरोध और कार्रवाई रिकॉर्ड करने पर सदस्यों के फोन छीने गए और हाथापाई की गई। सदस्यों ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि सैन्य प्रशासन पारदर्शी ढंग से सदन के कामकाज को मानने को तैयार नहीं है। सदस्यों ने कहा कि हम सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन के मंत्रालय के निर्देश के करियप्पा मार्ग खोले जाने के संदर्भ में अनुपालन के पक्षधर हैं। इसलिए सैन्य प्रशासन हमारे विरुद्ध पेशबंदी कर रहा है। सदस्य प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष चंदकेशव, सदस्य व पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, सदस्य राजकुमार दास, संगीता यादव, शैलजा श्रीवास्तव व मसूदा हुसैन शामिल रहे।