ज्ञानपुर। सातवां वेतन आयोग लाग करने की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) ने कामकाज ठप कर हड़ताल शुरू कर दी। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले भर में डाक कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। हड़ताल के चलते डाकघरों में लेन-देन बंद होने के साथ ही इससे हजारों रजिस्ट्रियां और जरूरी पत्र डंप हो गए हैं।
गोपीगंज: डाक सेवकों के हड़ताल पर चले जाने से डाकघर से पत्र और मनी ऑर्डर आदि का वितरण नहीं हो पाया। डाकघरों में पहुंचे खाताधारकों को निराश लौटना पड़ा। नारायणी कटरा में स्थित डाकघर पर जुटे डाकसेवकों ने प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। इस मौके पर उमाशंकर, प्रसन्न माधव, लाल बहादुर, बोधई राम, नागेंद्र मौर्य, गुलाब विश्वकर्मा, अवध नारायण, अमरचंद, लाल बहादुर आदि मौजूद रहे।
औराई: हड़ताल के चलते उप डाकघर औराई में सैकड़ों रजिस्ट्री, डाक और चिट्ठियों का वितरण नहीं हो पाया। घोसिया, हृदयीपुर, कुरौना, पीपरगांव, उगापुर और औराई क्षेत्र के गांवों में डाक वितरण के लिए छह बीओ तैनात हैं। मंगलवार को सभी ने चिट्ठी पत्री लेने से इनकार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों के संबंध में गठित कमलेश चंद्र कमेटी ने नवंबर 2016 में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी, लेकिन सरकार ने उसे अब तक लागू नहीं किया। हड़ताल में प्रमोद पाल, कल्लू गिरी, रवींद्र दुबे, मनीष कुमार, लालमणि, माता प्रसाद आदि शामिल थे। पोस्ट मास्टर संजय कुमार ने बताया कि डाक वितरण न होने से सभी रजिस्ट्रियां डाकखाने में ही पड़ी रह गईं।
मोढ़: हड़ताल के चलते डाक कर्मियों ने ट्रेन से स्टेशन पर आई डाक को लेने से इनकार कर दिया। वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर से मोढ़ स्टेशन पर पहुंची डाक को कर्मचारियों ने लौटा दिया। हड़ताल से क्षेत्र की छोटी-बड़ी सभी शाखाएं प्रभावित हुईं। हड़ताल में शिवानंद पाठक, गजराज सिंह, छोटेलाल सिंह, सियाराम विश्वकर्मा, रामजस मौर्या, राजेश विश्वकर्मा, प्रदीप श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।