वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में फर्जी पुजारियों की अब खैर नहीं होगी। श्रद्धालुओं को पुजारी बनकर ठगने वाले के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अगर कोई मंदिर का कर्मी संलिप्त मिला तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। इसके साथ ही बाबा विश्वनाथ के प्रसाद को इकोफ्रेंडली डिब्बों में पैक करके बेचने की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने शुक्रवार को न्यास परिषद की बैठक के बाद दी।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन प्रयासरत है। इसी कड़ी में अशक्त के लिए मंदिर की ओर से बैट्री चालित व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। अभी फिलहाल व्हीलचेयर छत्ताद्वार पर उपलब्ध है और जल्द ही इसे सरस्वती फाटक पर भी लगा दिया जाएगा। शुक्रवार को मंदिर में प्रायोगिक तौर पर केले के दोने में प्रसाद का वितरण किया गया। प्रयोग सफल होने पर इसे लागू कर दिया जाएगा। अर्चकों की कमी पर भी बैठक में बातचीत हुई और उनकी नियुक्ति पर विचार हुआ। श्रद्धालुओं के साथ पूजा के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोगों की हरकतों के कारण पुजारी समाज बदनाम होता है और उनकी छवि खराब होती है। उनसे भी अपील है कि अगर कोई भी ऐसा है तो इसकी जानकारी मंदिर कार्यालय को अवश्य प्रदान करें। इसके अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर की कॉमन हेल्पलाइन नंबर जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है। मंदिर की वेबसाइट को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है और इसे सावन के पहले लांच कर दिया जाएगा। बाबा के खजाने में दोगुनी बढ़ोत्तरी करने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है और इसका असर जल्द ही नजर आएगा। मंदिर परिसर से बाहर ढुंढिराज गणेश और ज्ञानवापी परिसर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आउटसोर्सिंग की जाएगी।