वाराणसी। मई से पहले ही अधिकतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के चलते एक तरफ जहां बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है वहीं दूसरी तरफ अघोषित कटौती का सिलसिला भी तेज हो गया है। जिन हिस्सों में आईपीडीएस के कार्य चल रहे हैं, वहां तो रोजाना निर्धारित कटौती हो ही रही है, शहर के बाकी हिस्सों में भी कभी ट्रिपिंग तो कभी उपकेंद्रों को ओवरलोड से बचाने के लिए दो से तीन घंटे बिजली काटी जा रही है। गर्मी में आपूर्ति दुरुस्त रखने की बिजली महकमे की पुख्ता तैयारियों के दावे शुरुआती दौर में ही लड़खड़ाने लगे हैं।
फरवरी-मार्च तक जहां शहर में बिजली की खपत 260 से 270 मेगावाट के आसपास थी, वहीं अब यह खपत 375 मेगावाट तक पहुंच गई है। ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता रामानंद सिंह ने बताया कि यह आंकड़ा अगले माह में 400 मेगावाट से भी ऊपर पहुंच सकता है। उधर, खपत बढ़ने से उपकेंद्रों के ओवरलोड होने और ट्रिपिंग की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। बिजली की आंखमिचौली उपभोक्ताओं को रुलाने लगी है। बुधवार को सबसे अधिक शहर के मंडुवाडीह, सुंदरपुर, डीएलडब्लू, चांदपुर, ककरमत्ता, लहरतारा क्षेत्र में बिजली कटी। इसके चलते घरों में लगे इनवर्टर भी फेल हो गए। कारोबार पर भी असर पड़ा। विभागीय अभियंताओं के मुताबिक ओवरलोड से ट्रिपिंग की समस्या के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई। उधर, आईपीडीएस योजना के तहत चल रहे कनेक्शन जोड़ो अभियान के तहत काशी, प्रह्लाद घाट क्षेत्र के अलावा में मछोदरी, त्रिलोचन, गाय घाट, टाउनहाल उपकेंद्र से काशीपुरा, रामघाट और कोनिया क्षेत्र में 3 घंटे दो से चार घंटे तक कटौती हुई। बेनियाबाग क्षेत्र में दोपहर 11:30 से 1:30 बजे तक बिजली कटी।