वाराणसी। काशी की बेटी महारानी लक्ष्मीबाई समर्पण, त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति थी। उन्होंने देश के प्रति जो राष्ट्रीयता का भाव जगाया, वह अविस्मरणीय है। ये बातें बुधवार को महारानी लक्ष्मीबाई न्यास की ओर से उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रसेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांता कुमारी ने कहीं। कार्यक्रम अस्सी स्थित गोयनका संस्कृत विद्यालय में आयोजित हुआ। यहां से भदैनी स्थित लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली तक शोभायात्रा भी निकाली गई।
बैंड-बाजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा में इति सिंह महारानी लक्ष्मीबाई के वेशभूषा में तलवार लेकर घोड़े पर सवार होकर चल रही थीं। कार्यक्रम में पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने नाटक, राष्ट्रभक्ति गीत प्रस्तुत किए। भाग फिरंगी भाग, चंदन है इस देश की माटी, महिषासुर संग्राम, योगचाप नृत्य की प्रस्तुति से खूब ताली बटोरीं।
इस मौके पर कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया, माया पांडेय, दुर्गा पांडेय, विवेक दिलीप तांबे और साधना सिंह को सम्मानित किया गया। न्यास के संस्थापक राजेंद्र प्रताप पांडेय, रामप्यारे चौबे, सुरेंद्र मिश्र, त्रिलोक नाथ शुक्ला, नंदलाल, अरुण कुमार, रजनीश मिश्र मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर पूर्वांचल मूवमेंट की ओर से वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती बुधवार को जगतगंज स्थित कार्यालय पर धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर राजेश आजाद, ज्योति, डा. माधुरी, प्रदीप गुप्ता मौजूद रहे।