वाराणसी। लंबे समय से लटकी परियोजनाओं को ‘प्रोग्राम मैनेजमेंट आफिस’ (पीएमओ) के जरिए रफ्तार देने की तैयारी है। प्रोग्राम मैनेजमेंट आफिस के तहत एक्सपर्ट टीम परामर्श, रणनीतिक प्रबंधन, निर्देशन और संयोजन के स्तर पर योजनाओं को समय से पूरा करने में मदद करती है। कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की सुव्यवस्थित तकनीक पर सोमवार को कमिश्नरी में हुई कार्यशाला में विभिन्न विभागाें के अधिकारी शामिल हुए। नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने उनसे योजनाओं को समय से पूरा कराने में आ रहीं व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशन में शहर की लंबित परियोजनाओं को 2019 तक हर हाल में मूर्त रूप देने की कवायद की जा रही है। यह पहल उसी कवायद का हिस्सा है। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला में उपेंद्र गिरी के नेतृत्व में आई एक्सपर्ट टीम के टाउन प्लानर के थरेजा, रिवर फ्रं ट स्पेशलिस्ट राजीव चौधरी, आर्किटेक्ट एंड टाउन प्लानर हर्षवर्धन, सिविल इंजीनियर एंड आर्किटेक्ट अनुज सक्सेना, जीपीआर एंड जीआईएस एक्सपर्ट (अंडर ग्राउंड स्कैनिंग) प्रवीन बवेजा, आर्किटेक्ट मृदुल, प्रोग्राम मैनेजमेंट एक्सपर्ट आलोक दीप, आईटी स्पेशलिस्ट सुरेश वर्मा, जर्नलिस्ट आर सिन्हा शामिल हुए। उन्होंने प्रोग्राम मैनेजमेंट आफिस (पीएमओ) के बारे में बताया। इसके जरिए विश्व स्तर के मानकों, अत्याधुनिक तकनीक एवं संसाधनों के व्यवस्थित उपयोग के जरिए परियोजनाओं में परामर्श, रणनीतिक प्रबंधन, निर्देशन, संयोजन और समन्वय स्तर पर सहयोग और निगरानी में आसानी होगी। कार्यशाला में सिंचाई विभाग, जल निगम, सेतु निगम, जल संस्थान, नगर निगम, आईपीडीएस के अधिकारियों ने परियोजनाओं को पूरा कराने में आ रही समस्याएं बताईं। जिला स्तर पर वीडीए सचिव विशाल सिंह को प्रोग्राम मैनेजमेंट आफिस का नोडल अधिकारी बनाया गया है।