राजातालाब। शाहंशाहपुर स्थित राजकीय कृषि एवं पशुधन प्रक्षेत्र का बंटवारा कर 50 एकड़ भूमि एनडीआरएफ को देने की तैयारी है। राजातालाब के उपजिलाधिकारी ने इस जमीन को एनडीआरएफ को हस्तांतरित किए जाने की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी है। सोमवार को इस बारे में बैठक लखनऊ में आयोजित की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि इस जमीन के बंटवारे की कार्यवाही पूरी हो जाएगी। अगर ऐसा हुआ तो गायों के संरक्षण के लिए यहां पर पर चल रही योजनाएं अवरुद्ध हो सकती हैं। पशुपालन विभाग इस पूरे मामले में लखनऊ की ओर देख रहा है।
पूर्वांचल की देशी प्रजाति गंगातीरी गायों के संरक्षण और संवर्धन का कार्यक्रम यहां 1950 के दशक से संचालित हो रहा है। गंगातीरी गायों के दूध में सभी तत्व पर्याप्त मात्रा में विद्यमान हैं। गंगातीरी गाय के संरक्षण और संवर्धन के लिए इस गाय को राजकीय पशु का ब्रीड घोषित किए जाने के बाद इसे भारत सरकार ने 03039 नंबर भी दिया गया था। 2015 में यहां केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत गायों के लिए शेड दुग्धशाला सहित कई सुविधाएं शुरू करने के लिए करोड़ों रुपयों के प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी थी। इसके बाद गायों के लिए बड़े-बड़े शेड बनाए जा रहे हैं।
अभी यहां पर लगभग 300 से अधिक संख्या में गाय बछड़े-बछिया व सांड़ हैं । इन सबके लिए बड़े पैमाने पर इनके चारे का उत्पादन इसी प्रक्षेत्र में किया जाता है। विगत वर्षों में यहां चारे की कमी हो चुकी है। इस क्षेत्र की भूमि पहले ही भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान को दी जा चुकी है। अब और भूमि कम होने से गायों के लिए भूसे और हरे चारे का संकट हो सकता है।