शंकरा आई हॉस्पिटल में 1000 ने कराया पंजीकरण, कैंप में 200 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
पूर्वांचल के अन्य जिलों के अलावा मध्यप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ में विस्तार की तैयारी
माई सिटी रिपोर्टर/रबीश श्रीवास्तव
वाराणसी। काशी में 300 बेड के आरजे झुनझुनवाला शंकरा आई हॉस्पिटल के खुलने के बाद 300 किलोमीटर तक के दायरे में रहने वाले लोगों के आंखों को नई रोशनी मिलेगी। यहां समय-समय पर कैंप लगाकर आंखों की स्क्रीनिंग, जांच और इलाज भी किया जाएगा। शहर से लेकर गांव तक बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों की जांच के लिए मोबाइल क्लीनिक वैन भी घूमती रहेगी।
शंकरा आई फाउंडेशन की आधारशिला दिसंबर 2022 में रखी गई थी और 22 महीने बाद इसका उद्घाटन किया गया। यह देश का 14वां अस्पताल है। आने वाले दिनों में पूर्वांचल में प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, आजमगढ़ के साथ ही झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और बिहार तक इसका विस्तार करने की तैयारी चल रही है।
फाउंडेशन की ओर से 300 किलोमीटर तक रहने वालों के जांच, इलाज की कार्ययोजना बनाई गई हैं। फाउंडेशन के हेड मार्केटिंग नरेंद्र मराठे ने बताया कि काशी में खुले इस हॉस्पिटल की ओर से उद्घाटन से पहले आसपास के गांवों में चलाए गए अभियान के दौरान 1000 लोगों ने पंजीकरण करवाकर जांच की सुविधाओं का लाभ भी उठाया। साथ ही 200 लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा चुकी है।
छह दिन 9 घंटे, एक दिन 4 घंटे ओपीडी
शंकरा आई हॉस्पिटल में सोमवार से शनिवार हर दिन 9 घंटे (सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक) की ओपीडी चलाई जाएगी। जबकि रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक यानी 4 घंटे तक ओपीडी चलेगी। आंखों की सर्जरी आदि की सुविधाएं 21 अक्तूबर के बाद शुरू होंगी। डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल के फोन नंबर 0542-3506789 पर ऑनलाइन बुकिंग भी करवा सकेंगे। अस्पताल के सीएमओ डाॅ. सप्त गिरीश के नेतृत्व में छह डॉक्टर और 100 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों की सेवा में रहेंगे।
300 होगी ओपीडी फीस, एआई आधारित तकनीक से जांच
डॉक्टर को दिखाने के लिए लोगों को 300 रुपये ओपीडी फीस देनी होगी। फाउंडेशन के मार्केटिंग हेड नरेंद्र मराठे ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक पर आधारित मशीनों से स्क्रीनिंग की जाएगी।
एक नजर में आंकड़ा
अस्पताल में बेड-300
हर साल फ्री सर्जरी-30 हजार मरीज
बनाने में लागत-110 करोड़
क्षेत्रफल में बना-1.26 लाख वर्ग फीट
2030 तक लक्ष्य-5 लाख फ्री सर्जरी