जौनपुर। बिजली कर्मियों की हड़ताल से जिलेभर की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। दूसरे दिन शनिवार को जिले के ज्यादातर हिस्सों में आपूर्ति ठप रही। कहीं 20 तो कहीं 36 घंटे से बंद आपूर्ति के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता। हड़ताल के कारण करीब 30 लाख की आबादी शुक्रवार की रात में अंधेरे में रही। ऐसे में लोग शनिवार की सुबह पानी के लिए भी तरसे। कई लोगों ने किराए पर जेनरेटर लेकर किसी तरह से पानी का इंतजाम किया। मोबाइल और इमरजेंसी लाइट भी चार्ज करने के लिए परेशान होना पड़ा। 16 मार्च की रात 10 बजे से बिजली कर्मी हड़ताल पर हैं। जिस समय कर्मी पर हड़ताल पर गए उस समय तो बहुत अधिक इलाकों में आपूर्ति बाधित नहीं थी, लेकिन उसके बाद जहां-जहां फाल्ट आते गए वहां-वहां परेशानी बढ़ती गई। शुक्रवार की रात तक जिले के 70 फीसदी हिस्से में आपूर्ति बाधित हो गई। इससे कल कारखाने तो बंद हुए ही लोगों के कारोबार भी पर भी असर पड़ा। जौनपुर शहर के रूहट्टा, कोतवाली, सकरमंडी, सिविल लाइन, हुसैनाबाद, लाइनबाजार, परमानदपुर, नईगंज, ओलंदगंज, तारापुर कॉलोनी सहित अन्य हिस्सों में भी बिजली आपूर्ति करीब 20 घंटे से ज्यादा समय तक गुल रही। शनिवार की देर शाम तक यहां आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
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मोमबत्ती जलाकर कर रहे पढ़ाई
शहर सहित अन्य इलाकों इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में बिजली न होने पर विद्यार्थी मोमबत्ती जलाकर पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं जिनका मोबाइल चार्ज नहीं है वे किसी दूसरे के यहां या फिर किराए पर जेनरेटर लाकर चार्ज किए। जेनरेटर के लिए लोगों को पांच सौ रुपये घंटे चुकाना पड़ रहा है।
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जनरेटर के सहारे की जा रही है पेयजल आपूर्ति
मछलीशहर। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में नगर पंचायत द्वारा नागरिकों को जेनरेटर का सहारे ओवर हेड टैक में पानी लोड करवा कर आपूर्ति सुबह से ही की जा रही है। अधिशासी अधिकारी बृजकिशोर गौर ने बताया कि नगर के मध्य अल्वियाना मोहल्ले में स्थित पानी की टंकी भ्ा घर-घर पानी पहुंचाया गया। इसके अलावा टैंकर में पानी भरवाकर नगर के अन्य हिस्सों में वितरित कराया जा रहा है। जनरेटर को चलाकर सायं काल नगर की स्ट्रीट लाइट भी जलवाई जा रही है। बिजली संकट के दौरान नागरिकों को हो रही असुविधा से निपटने के लिए नगर पंचायत द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
फाल्ट ढूंढते रहे अफसर, 36 घंटे से अधिक बंद रही आपूर्ति
शाहगंज। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर जारी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरा तहसील क्षेत्र अंधेरे में है। पेयजल की समस्या से तहसील क्षेत्र के लोग परेशान हैं। शहरी इलाकों में केबल ब्लास्ट होने की वजह से रात 11 बजे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। उसके बाद करीब 36 घंटे बाद भी शनिवार की शाम तक बहाल नहीं हुई। बिजली कटौती को लेकर उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार उप केंद्र पर पहुंचकर आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास करते रहे। अधिशासी अभियंता राम नरेश ने बताया कि मुख्य केबल ब्लास्ट करने के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। गौराबादशाहपुर के कबिरूद्दीनपुर उपकेंद्र से जुड़े गांवों में भी लोग बिजली के लिए परेशान रहे। राजाबाजार क्षेत्र के भटपुरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। नेवढि़या उपकेंद्र से जुड़े गांवों में करीब 36 घंटे अंधेरा रहा। सिंगरामऊ, सिकरारा, सुईथाकला, सुरेरी, मुफ्तीगंज, डोभी, जलालपुर सहित ज्यादातर इलाकों में आपूर्ति बाधित रही।
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लोगों ने बताया पीड़ा, कहा बिजली नहीं तो कुछ नहीं
शाहगंज क्षेत्र के सिंधाई गांव निवासी उग्रशेन बिंद का कहना है कि 48 घंटे हो गया अभी तक बिजली नही आई है। बच्चों की परीक्षा भी चल रही है। यदि बिजली नहीं आएगी तो छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पाएगी। नगर निवासी अमृत लाल का कहना है कि बिजली नहीं आने से पानी की किल्लत हो रही है। गर्मी भी बढ़ गई है। घर में सोने पर मच्छर काटने लग रहे हैं। बिजली न रहने से बहुत कठिनाइयां झेलनी पड़ रही है। बदलापुर क्षेत्र के मुंसिफ अली ने बताया कि ग्राम पंचायत छंगापुरु से लेदुका तक बिजली नहीं आ रही है। बिजली न रहने से बस्ती में जहां सियापा छाया हुआ है वहीं एक एक बूंद पानी के लिए लोग परेशान हैं। चक्की पर पिछले 2 दिन से पिसाई के लिए गेहूं रखा हुआ है, लेकिन गेहूं अभी तक पीसा नहीं गया है। डड़वा खालिसपुर के राधेश्याम यादव ने बताया कि घर में ही नहीं पूरे इलाके में बिजली की समस्या गहराई हुई है। मिट्टी का तेल मिल नहीं रहा है। मोमबत्ती की रोशनी में घर का खाना बनाया गया। और घर के बच्चे भी मोमबत्ती की रोशनी में ही अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।