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गंगा के 30 घाट ब्लैक स्पॉट: वॉच टॉवर से निगरानी, हो रही बैरिकेडिंग; जनवरी से अप्रैल तक हुईं 8 लोगों की मौतें

Sun, 17 May 2026 10:09 AM IST
Aman Vishwakarma अभिषेक मिश्रा, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में गंगा घाटों पर बढ़ती डूबने की घटनाओं को देखते हुए नगर निगम ने 30 घाटों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया है। यहां बैरिकेडिंग, वॉच टावर और जल पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाएगी। जनवरी से अप्रैल 2026 तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने पर्यटकों से सेल्फी और बिना लाइफ जैकेट नौकायन से बचने की अपील की है।
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तुलसी घाट पर ब्लैक स्पाॅट के लिए लगी बैरिकेडिंग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: गंगा नदी में इन दिनों दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। नाव और क्रूज पर चढ़कर लोग सेल्फी लेने के दौरान जान गंवा रहे हैं। ऐसे में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए नगर निगम ने घाट किनारे के 30 स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया है। इन घाटों पर नगर निगम और जल पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की जाएगी और वाॅच टावर से निगरानी भी की जाएगी।

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ये वे घाट हैं, जहां सबसे अधिक सेल्फी लेने या लापरवाही के कारण हादसे का शिकार होते हैं। दिन में जल पुलिस के जवान लोगों को सेल्फी लेने से मना करते हैं, लेकिन कई लोग रात में भी जोखिम उठाने से नहीं चूकते। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बाद घाटों का किनारा पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा स्थान बन गया है। दिन हो या रात, प्रमुख घाटों पर पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। 

लोग कभी स्नान करते हैं तो कभी नाव और क्रूज पर चढ़कर सेल्फी लेने लगते हैं। इस दौरान लोग लाइफ जैकेट पहनने से भी बचते हैं। जरा सी चूक जानलेवा साबित हो रही है। जनवरी से अप्रैल तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी लोग सतर्क नहीं हो रहे हैं और सेल्फी लेने में मशगूल रहते हैं।

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चल रही खास तैयारी

कुछ दिनों पहले नाव पर सेल्फी लेते समय डूबा था युवक : मान घाट पर कुछ दिन पहले एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी। वह क्रूज पर चढ़कर सेल्फी लेने और वीडियो बनाने में व्यस्त था। उसके दोनों हाथों में मोबाइल था। एक नाव से दूसरी नाव पर जाने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गंगा में गिर गया। युवक नोएडा का रहने वाला था।

सबसे अधिक हादसे तुलसी और ललिता घाट पर : बीते चार वर्षों के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक हादसे तुलसी घाट और ललिता घाट पर हुए हैं। इन वर्षों में वर्ष 2023 में सबसे अधिक 46 हादसे हुए, जबकि 2022 में 37, वर्ष 2024 में 37, वर्ष 2025 में 32 और वर्ष 2026 में अब तक दो बड़े हादसे हो चुके हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा के ये कदम उठाए जा रहे हैं।

ब्लैक स्पॉट घोषित घाट
सामने घाट, तुलसी घाट, पंचगंगा घाट, मान घाट, अस्सी घाट, रीवा घाट, आदि केशव घाट, हरिश्चंद्र घाट, चेतसिंह घाट, मुंशी घाट, बूंदी परकोटा घाट, प्रभु घाट, प्रह्लाद घाट, नमो घाट, गायघाट, रानी घाट, शक्का घाट, ललिता घाट, अहिल्याबाई घाट, भोंसले घाट, केदार घाट, सिंधिया घाट, भदैनी घाट, जानकी घाट, जैन घाट, निरंजनी घाट, महानिर्वाणी घाट, शिवाला घाट, गुलरिया घाट और मानसरोवर घाट।

मार्च में तुलसी घाट पर डूबे थे दो युवक
मार्च 2026 में तुलसी घाट पर नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से 18 वर्षीय निखिल और 12 वर्षीय आयुष की मौत हो गई थी। दोनों गोरखपुर के रहने वाले थे और वाराणसी घूमने आए थे। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया और काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया था।

रोज आते हैं एक लाख से ज्यादा लोग
अस्सी से लेकर नमो घाट तक रोजाना एक लाख से अधिक पर्यटकों का आना-जाना होता है। इनमें से कुछ नौकायन भी करते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु गंगा में स्नान और आचमन करने आते हैं। गंगा किनारे कुछ घाटों पर पानी काफी गहरा है और फिसलन भी अधिक होती है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने यह कदम उठाया है।
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पर्यटकों की संख्या को देखते हुए घाटों को चिह्नित किया गया है। यहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लगातार पुलिस की ओर से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। रात के समय भी गश्त बढ़ाई गई है। इसके बाद भी लोग नहीं मान रहे हैं, इसलिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। बैरिकेडिंग भी कराई जा रही है। - अतुल अंजान त्रिपाठी, एसीपी दशाश्वमेध

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