बर्फीली हवाओं के साथ चल रही शीतलहर से बेहाल पूर्वांचल के लोगों को दो दिन बाद मामूली राहत मिल सकती है। सोमवार की शाम हवा के रुख में बदलाव के संकेत मिलने से मौसम विज्ञानियों ने यह संभावना जताई।
14 दिन से लगातार जहां न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है, वहीं हवा के साथ कोहरे की धुंध छाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चौबीस घंटे के दौरान तापमान में तीन डिग्री की गिरावट से सोमवार को लोग दिन भर कांपते रहे। वहीं रात होते ही पूरे शहर में घने कोहरे की चादर तन गई।
काशी में चौबीस घंटे के दौरान सोमवार को अधिकतम तापमान लगभग तीन डिग्री सेंटीग्रेड लुढ़क गया। रविवार को अधिकतम तापमान जहां 15.2 डिग्री था, वहीं सोमवार को 12.8 डिग्री पर आ गया। न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। पखवारे भर से ठंड की मार लगातार बढ़ती जा रही है।
बीएचयू की कृषि मौसम सेवा इकाई के कोआर्डिनेटर डॉ. आरएस सिंह ने बताया कि दो दिन में दक्षिण-पूर्वी हवाएं पूर्वांचल में प्रवेश करने वाली हैं। इसके बाद ही मौसम में थोड़ी राहत महसूस की जा सकेगी। पशुओं को चारों तरफ से बंद बाड़े में रखने की उन्होंने सलाह दी है, ताकि उनकी जीवन रक्षा की जा सके।
किसानों को मामूली अंतराल पर चना, मटर, गेहूं, सरसों की फसलों को पाला से बचाने के लिए उनकी सिंचाई करने की सलाह दी है। पार्कों, घाटों और फुटपाथों पर जहां-तहां लोग अलाव के सहारे हो गए हैं।