नगर निगम 3.60 करोड़ रुपये की लागत से गंगा घाटों को संवारेगा। वहां पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसकी कार्ययोजना पर सोमवार को कमिश्नरी में हुई बैठक में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में चर्चा हुई। निगम इन रुपयों से घाटों पर कूड़ादान, छतरी, चौकी, प्रकाश, साइनेज, यूरिनल और बेंच की व्यवस्था करेगा।
कमिश्नर ने बताया कि पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए यह धनराशि नगर निगम को दी गई है। इसके तहत घाटों पर 34 स्थानों पर बेंच लगवाने और कूड़ादान रखवाने के निर्देश दिए गए हैं। यूरिनल, पेयजल सहित अन्य सुविधाएं भी जल्द मुहैया कराई जाएंगी। घाटों पर 80 स्थानों पर साइनेज लगाए जाएंगे। साइनेज का काम 15 दिनों में पूरा कराने का निर्देश कमिश्नर ने दिया। इस दौरान कमिश्नर ने प्रसाद योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों की भी समीक्षा की। इसके तहत बुद्धा थीम पार्क का सौंदर्यीकरण, सारंगनाथ तालाब का जीर्णोद्धार, गुरुधाम मंदिर का संरक्षण और मारकंडे महादेव स्थल का विकास कार्य जल्द शुरू कराने को कहा।
राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को कमच्छा स्थित कामाख्या शक्तिपीठ, गाजीपुर स्थित शिव मंदिर देवल, चंदौली स्थित परेमनशाह तालाब और सेवराई चिरा के तालाब को संवारने और संरक्षित करने का काम जल्द पूरा कराने की ताकीद की। कमिश्नर ने चेतावनी दी कि अगले सप्ताह वह इन कार्यों का निरीक्षण करेंगे। कमियां मिलने पर दोषी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दस जून को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव फातमान स्थित शहनाई सम्राट भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकबरे का उद्घाटन कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने सोमवार को मकबरे के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर 10 जून से पहले पूरा कराने को कहा। मकबरे के पास 20 फीट का विशाल गेट भी 20 जून तक हर हाल में तैयार करने की हिदायत दी।
कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता का ध्यान देने को कहा। उन्होंने बताया कि मकबरे का विकास कार्य अप्रैल 2015 से शुरू हो गया था। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 29.96 लाख रुपये स्वीकृत किया है। कार्यदायी संस्था पैक्सपेड और नोडल संस्कृति विभाग है। यहां मौजूद ठेकेदारों और स्थानीय लोगों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की दिक्कत आने पर तत्काल उन्हें अवगत कराएं। बता दें कि मुख्यमंत्री वरुणा कॉरिडोर में चल रहे निर्माण कार्य, भारतरत्न के मकबरे और वाराणसी-सोनभद्र मार्ग जनता को समर्पित करेंगे। इसी के तहत तैयारियां तेज हो गई है। प्रशासनिक हल्के में प्रदेश सरकार की योजनाओं की मानीटरिंग के साथ उन्हें दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही तैयारी बैठक में अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।