बरसात के मौसम में जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के नालों के जाम होने के कारण पानी पास नहीं होता और सड़कों पर भरा रहता है। नालों की सफाई के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। मतगणना खत्म होने के बाद 267 नालों की सफाई शुरू की जाएगी।
नगर निगम सीमा में 78 बड़े और 189 छोटे नाले हैं। बड़े नालों की सफाई निगम का सामान्य विभाग कराता है। वहीं, छोटे नालों की सफाई निगम के स्वास्थ्य अनुभाग कराता है। जगह उपलब्ध कराने के बावजूद पशुपालक शहर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। डेयरी से निकलने वाले गोबर और निगम की ओर से लंबे समय तक सफाई न होने से शहर के ज्यादातर नाले जाम हैं। नगर आयुक्त शिपू गिरि ने बताया कि समय से साफ-सफाई हो जाने से नाले जाम नहीं होंगे और सड़कों पर पानी जमा नहीं होगा।