वाराणसी। जिले में धान, गेहूं, संकर सब्जियों और पशु एवं मछली पालन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले प्रगतिशील किसानों को शुक्रवार को जिलास्तर पर सम्मानित किया गया। चांदपुर स्थित कृषि भवन में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण की जयंती पर राष्ट्रीय किसान दिवस के तहत 24 किसानों का चयन किया गया था। इनमें 12 किसानों को प्रथम और 12 किसानों को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या उपस्थित रहीं।
विशिष्ट अतिथि के तौर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने किसानों संबोधित करते हुए कहा कि जिले में जोत बहुत छोटी हो गई है। किसानों को अब आधुनिक खेती अपनाने की जरूरत है। बावजूद इसके पारंपरिक विधि से जिले 24 किसानों ने गेहूं, धान, उर्द, सब्जी, मछली, दूध उत्पादन में बेहतर काम किया है। उन्होंने पॉली हाउस, ग्रीन हाउस जैसी तकनीकी से खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस मौके पर वाराणसी मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. आशुतोष मिश्र, जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला उदान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, मत्स्य अधिकारी स्वेता सिंह, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर आदि उपस्थित रहे।
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इन्हें मिला सम्मान
65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गेहूं का उत्पादन करने वाले बड़ागांव तड़सड़ा के अभय शंकर पांडेय को, 29 क्विंटल प्रति हेक्टेयर सरसों का उत्पादन करने लिए चिरईगांव के जितेंद्र पांडेय को, 75.45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर धान के उत्पादन के लिए काशी विद्यापीठ के रमसीपुर गांव के श्यामनारायण सिंह को और 17 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उर्द के उत्पादन के लिए आराजीलाइन खेवली के मनोज कुमार को सम्मानित किया गया। सेवापुरी के राम स्वरूप पटेल को 325 क्विंटल प्रति हेक्टेयर संकर खीरा के लिए, बड़ागांव के अनिल कुमार को 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर संकर करेला के लिए, चिरईगांव अंबा के पंकज सिंह को 682.50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर संकर टमाटर के लिए, काशी विद्यापीठ रमसीपुर गांव के लाल बहादुर को 410 क्विंटल प्रति हेक्टेयर शिमला मिर्च के लिए, चोलापुर के विनय कुमार सिंह को गोपालन के लिए, आराजीलाइन के प्रेमनाथ पाल को भैंस पालन के लिए, बड़ागांव मलहज के अनुज सिंह को मछली पालन के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया।