पितरकुंडा में विस्फोट के बाद बगल के घर से झांकते दहशतजदा बच्चे।
पितरकुंडा और हबीबपुरा के कई मकानों में अवैध रूप से पटाखा बनाने से लेकर भंडारण तक का काम होता है। यहां शादियों में इस्तेमाल के लिए पटाखे बनाए जाते हैं। पूरे पूर्वांचल में यहां से पटाखों की सप्लाई होती है। कई साल से पुलिस और प्रशासन इस बात से वाकिफ हैं लेकिन कभी कार्रवाई नहीं की गई।
25 अक्तूबर को एक मकान में विस्फोट में छह लोगों के मारे जाने के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश देकर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी थी लेकिन 24 दिन बीत गए और जांच पूरी नहीं हुई। अब तक उस मामले में हबीबपुरा के चार लोगों के अलावा सोमवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बयान दर्ज कराया। किसी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ने अब तक बयान दर्ज नहीं कराया है। जांच में हर स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। अब तक वह जर्जर मकान भी ध्वस्त नहीं किया जा सका है। इस बाबत जांच अधिकारी एसीएम प्रथम सुशील कुमार गौड़ का कहना है कि पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कराने के लिए जल्द ही एसएसपी को पत्र लिखा जाएगा।
पितरकुंडा में विस्फोट की घटना के लिए विधायक श्याम देव रायचौधरी ने पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। मौके का मुआयना करने के बाद वह घायल सफाईकर्मी को देखने अस्पताल पहुंचे। विधायक ने एसएसपी नितिन तिवारी से फोन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस विस्फोट के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी जिम्मेदार हैं। 25 अक्तूबर को धमाके के बाद ही वहां से मलबे की पूरी सफाई क्यों नहीं कराई गई? उधर, सफाईकर्मी प्रकाश का हाल जानने भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि भी कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि आए दिन पितरकुंडा में विस्फोट हो रहे हैं। शासन-प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
घायल सफाईकर्मी का हालचाल मेयर रामगोपाल मोहले ने अस्पताल में लिया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को बेहतर इलाज करने का निर्देश दिया। साथ ही डीएम और एसएसपी से दोषियों पर कार्रवाई के लिए कहा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि सफाईकर्मी के इलाज खर्च का निगम प्रशासन वहन करेगा।