जिले के परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चे खेल-खेल में वीडियो और कहानियाें के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। इसके लिए 222 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब बनाए जाएंगे। शासन की ओर से इसके लिए बजट जारी किया गया है। इसका लाभ यह होगा कि बिना बिजली के भी छात्रों को पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशालय की तरफ से जिले के 132 विद्यालयों के लिए प्रति विद्यालय 38 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है। इससे हर स्कूल में इंनवर्टर, दो केवीए बैटरी और स्टेबलाइजर लगाया जाएगा। स्मार्ट क्लास में लगी स्क्रीन में बच्चों के लिए उनकी कक्षा अनुसार पूरी शिक्षण सामग्री अपलोड की जाएगी। इसमें पाठ्यक्रम को अलग-अलग भागों में बांट कर कहानियों और वीडियाे के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों के शिक्षा सुधार के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है। बीएसए ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशालय की तरफ से जारी राशि को सभी विद्यालयों को भेज दिया गया है। इस बजट में इनवर्टर के लिए 38 हजार, स्टेबलाइजर के लिए 11 हजार, प्रिंटर, लॉगबुक, फर्नीचर सहित अन्य सामग्री के लिए भी धनराशि जारी होगी।