वाराणसी। 25 फरवरी 2020 तक ही मिट्टी से ईंट का निर्माण किया जा सकेगा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से इस बाबत गजट जारी किया गया है। इसको लेकर ईंट निर्माताओं में जबरदस्त रोष है। ईंट भट्ठा मालिकों ने इस फैसले पर विरोध जताने के साथ ही चरणबद्ध तरीके से विरोध का आह्वान किया। ईंट निर्माता परिषद वाराणसी की ओर से गुरुवार को कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में 39वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
परिषद के अध्यक्ष कमला कांत पांडेय ने कहा कि सरकार चाहती है कि फ्लाई ऐश से ईंट बनाएं पर भट्ठा मालिकों को बेहद कम समय दिया गया है। इतना ही नहीं सरकार ने फ्लाई ऐश उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण, उपकरण आदि को लेकर काई स्पष्ट नीति नहीं बनाई है। ऐसे में भट्ठा मालिकों के पास उत्पादन बंद करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बच रहा है। अगर ऐसा हुआ तो दो करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित होंगे। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से इसका विरोध करने की बात कही। इस कार्यक्रम में कोयले की महंगाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
इससे पहले भट्ठा स्वामियों ने स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। संस्था के सचिव शिव प्रकाश सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। उपाध्यक्ष ओम प्रकाश बदलानी ने संचालन किया। वक्ताओं ने कहा कि संस्था अपने अच्छे कार्यों के चलते संपूर्ण भारत में अपना अलग स्थान बनाया है। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के सदस्य हरिशंकर सिंह ने ईंट के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान केक भी काटा गया। इस अवसर पर मौलवी अब्बास हुसैन, गुलाब यादव, संजय सिंह, अरविंद सिंह, मनोज यादव, प्रशांत पांडेय, सीताराम यादव, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।