वाराणसी। समाजशास्त्र विभाग के छात्र-छात्राओं ने कुलपति, चीफ प्रॉक्टर को पत्र देकर डॉ. मनोज वर्मा पर छात्राओं से छेड़खानी, फे सबुक पर फोटो अपलोड करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। 82 छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर जो पत्र दिया है, उसमें डॉ. वर्मा को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। यह भी बताया कि 28 जनवरी को दोपहर में जब छेड़खानी वाले मामले में वरिष्ठ छात्र डॉ. वर्मा से बात करने गए तो उन्होंने उनको गालियां दीं और मारपीट करने लगे। विरोध में छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर आफिस पर डॉ. वर्मा के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।
विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। चार दिन पहले फेसबुक पर फोटो अपलोड कर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले डॉ. मनोज वर्मा को फेसबुक पर ही देख लेने की धमकी मिल रही थी। फेसबुक पर आरोप-प्रत्यारोप बढ़ता देख विभागाध्यक्ष प्रो. एके जोशी ने इसकी सूचना चीफ प्रॉक्टर को देते हुए विभाग में सुरक्षा बढ़ाए जाने को कहा था लेकिन सोमवार को घटना के समय यहां कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। घटना के बाद विभाग की एक महिला शिक्षक तो घटना से दहशत में आकर रोने लगी।
मैं आदिवासी हूं। दो साल से छात्रों को भड़का कर उत्पीड़न किया जा रहा है। कुलपति समेत अन्य अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है। मैंने फेसबुक पर पहले से शेयर प्रो. जोशी की एक फोटो को शेयर किया था। प्रो. जोशी हर साल खुद ही एजुकेशनल टुअर लेकर जाते हैं। मैं उनके खिलाफ बोलता रहता हूं। घटना की वजह यही है।