वाराणसी। ऐढ़े गांव में बनी टेंट सिटी मेहमानों से गुलजार हो चुकी है। प्रवासी भारतीय भले अपनी माटी से दूर हों, लेकिन इनके मन में अपना देश बसता है। कई ऐसे हैं जिन्होंने काशी में पहली बार कदम रखा है, लेकिन उनका मानना है कि भारत के अध्यात्म और संस्कृति से जुड़ने के लिए काशी से बेहतर कोई और जगह हो ही नहीं सकती।
बैंक ऑफ अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट रघु उत्तम पत्नी दीपा के साथ सम्मेलन में शिरकत करने आए हैं। मूल रूप से गुजरात के रघु उत्तम करीब 36 साल से अमेरिका में रह रहे हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में वह पहली बार हिस्सा ले रहे हैं और उनका मकसद है कि वे अध्यात्म और संस्कृति से रूबरू हों। उनका कहना है कि काशी अध्यात्मिक शहर है। इससे जुड़ने का इससे अच्छा कोई और मौका हो ही नहीं सकता था। दरअसल, मेरी यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए विकास कार्यों को भी देखने की इच्छा थी। कुंभ नगरी भी जाना है। ये भी एक सुनहरा अवसर है कि काशी और कुंभ दोनों के दर्शन करने को मिलेंगे।
न्यूयार्क में हेरिटेज ऑफ इंडिया संस्था चला रहे गोपाल दुर्गा उन अप्रवासी भारतीयों की मदद के लिए काम कर रहे हैं, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद अपनों ने छोड़ दिया। किसी के पति तो किसी के मां बाप ने छोड़ दिया। पेश से मानवाधिकार के वकील गोपाल न्यूयार्क में रहकर 32 साल से भारतीयों के हक के लिए लड़ रहे हैं। कहा- भारतीयों की सबसे बड़ी कमी यही है कि वे अपनों का ही शोषण करते हैं। गोपाल का उद्देश्य बस इतना है कि हर व्यक्ति इज्जत के साथ रहे। अब तक वे चार हजार लोगों की मदद कर चुके हैं। यहां पर भी वे एक प्रवासी महिला की मदद के उद्देश्य से आए हैं। मूलत: दिल्ली के रहने वाले गोपाल पहले प्रवासी भारतीय सम्मेलन को छोड़कर हर सम्मेलन में भाग लेते रहे हैं।
सम्मेलन में साउथ अफ्रीका की मशहूर अभिनेत्री व मॉडल टेरिना पटेल भी शिरकत कर रही हैं। शनिवार को वे टेंट सिटी पहुंची। दक्षिण अफ्रीका में जन्म लेने के बाद भी डॉ. रमन पटेल और स्कूल टीचर वीणा पटेल की इस बेटी का दिल अपनी माटी से जुड़ा रहा। छुट्टियों में भाई अपने वतन आएं या न आएं टेरिना जरूर आती थीं। मेडिसिन की पढ़ाई के बाद उन्होंने मॉडलिंग व अभिनय में कॅरियर बनाया। हिंदी भी सीखी। इस अभिनेत्री ने बॉलीवुड फिल्म भूल भुलैया, दस कहानियां और जस्ट मैरीट में काम किया है। टेरिना ने कहा- सम्मेलन में इसलिए हिस्सा लेने आईं हैं ताकि वे इस देश की संस्कृति से और बेहतर तरीके से जुड़ सकें। इस मिट्टी के लिए कुछ ऐसा करूं जिससे मैं भी अगले प्रवासी भारतीय अवार्ड की हकदार बनूं।