वाराणसी। रायबरेली जिला जेल में मोबाइल पर बात करते हुए शराब पी रहे बंदियों और सामने रखे कारतूस का वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार को आननफानन जिला कारागार की सभी 17 बैरकों को खंगाला गया। डीआईजी जेल की मौजूदगी में 2100 से ज्यादा बंदियों की परेड कराई गई। चेताया गया कि कारागार के नियम जो भी तोेड़ने का प्रयास करेगा उसे अन्य जेल में शिफ्ट करने के साथ ही रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
बताते चलें कि मोबाइल के उपयोग पर सख्ती के कारण जिला जेल के बंदियों ने दो अप्रैल 2016 को साढ़े सात घंटे तक हिंसक उपद्रव किया था। इस दौरान तत्कालीन जेल अधीक्षक को बंधक बना कर डिप्टी जेलर सहित छह जेल कर्मियों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। इसके बाद किसी तरह से माहौल सामान्य हुआ, लेकिन बंदियों द्वारा मोबाइल का इस्तेमाल अभी तक जारी है। इस संबंध में जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि मेटल डिटेक्टर से सभी बैरकों की दीवार और फर्श के साथ ही शौचालयोें के आसपास तलाशी ली गई। कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। बंदियों की परेड करा कर उन्हें जेल मैन्युअल के हिसाब से रहने की चेतावनी दी गई है।
2जी का जैमर, 4जी से बात
जेल में बंदियों द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल की बड़ी वजह यह है कि जिला जेल में लगे जैमर 2जी क्षमता वाले मोबाइल की बातचीत पर ही अंकुश लगा पाने में सक्षम हैं। 4जी मोबाइल के लिए ये जैमर पूरी तरह से बेअसर हैं, लिहाजा बंदी बातचीत के लिए 4जी का इस्तेमाल कर रहे हैं। 2जी जैमर को अपग्रेड करने के लिए कारागार प्रशासन की ओर से कई बार प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।