वाराणसी। रोडवेज बसों का रूट बदलने व किराया बढ़ने से यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। शहर के चारों ओर बाहर से लंबा चक्कर काटकर अब बसें आ और जा रही हैं। इससे न सिर्फ यात्रा कठिन हुई है, बल्कि यात्रा का समय भी आधा घंटे तक और बढ़ गया है। इतना ही नहीं रोडवेज यह बढ़ा हुआ भार किराया बढ़ाकर यात्रियों से ही वसूल रहा है।
कैंट रेलवे स्टेशन केसामने बन रहे फ्लाईओवर की वजह से रोडवेज बसों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है। इलाहाबाद, मिर्जापुर, कानपुर, सोनभद्र सहित विभिन्न क्षेत्रों को जाने वाली बसों का स्टॉपेज भी शहर के बाहर कर दिया गया है। यात्रियों को शहर के बाहर उतार दिया जा रहा है। बाद में उन्हें शहर के अंदर आने के लिए दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा, परेशानी अलग उठानी पड़ रही है। वहीं दूसरी तरफ रोडवेज प्रशासन ने किराया भी बढ़ा दिया है। इलाहाबाद का किराया 171 रुपये किया गया है। पहले यह 137 रुपये था। यह बसें हरहुआ, रामेश्वर जंसा होते हुए कलेक्ट्रीफार्म होकर इलाहाबाद जा रही हैं। वहीं कपसेठी से कछवा होकर जा रही बसों का किराया 158 रुपये कर दिया गया है। बैढ़न और मिर्जापुर का किराया मंगलवार को बढ़ा दिया गया। बैढ़न का किराया 40 रुपये बढ़ाकर 397 रुपये कर दिया गया है। मिर्जापुर का किराया 74 रुपये से बढ़ाकर 107 रुपये कर दिया गया है। मिर्जापुर से वाराणसी आए रोहित दुबे ने बताया कि चांदपुर उतरने के बाद कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए 15 रुपये ज्यादा खर्च करना पड़ा। इसी प्रकार इलाहाबाद से वाराणसी आए मोहित कुमार ने बताया कि साढ़े तीन घंटे का सफर चार घंटे से भी ज्यादा समय में तय हो रहा है।