वाराणसी। राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय चौकाघाट में मंगलवार को आयोजित विशेष व्याख्यान में पानी पीने से सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा हुई। इस दौरान सर गंगाराम हॉस्पिटल नई दिल्ली में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. परमेश्वर अरोड़ा ने कहा कि प्यास लगने पर अधिक पानी पीना भी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।
जलक्रांति विषय पर व्याख्यान में बोलते हुए डॉ. परमेश्वर अरोड़ा ने कहा कि वे अक्तूबर 2016 से लगातार देश के अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों को जल सेवन की वैदिक विधियों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। कहा कि प्यास लगने पर लोग एक के बाद एक गिलास पानी का सेवन शुरू कर देते हैं। पानी प्यास तो बुझा देता है, पंरतु लोगों को यह पता नहीं कि यह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। कोई व्यक्ति प्रतिदिन कितना पानी पिए यह निश्चित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि एक दिन में व्यक्ति को 1.5 से 2 लीटर तक जलीय पदार्थों के साथ साथ जल, दूध, जूस, चाय का सेवन करना चाहिए। सुबह उठकर खाली पेट एक गिलास पानी पीना, भोजन को पचाने में मदद के लिए भोजन थोड़ा-थोड़ा करके करना और एक कप गर्म पानी का सेवन करना हितकारी है। भोजन के बाद प्राचार्य प्रो. पीसी सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान डॉ. अजय कुमार, डॉ.अनुभा श्रीवास्तव, डॉ. कमलेश कुमार द्विवेदी, प्रो. कंचन गुप्ता, प्रो.अशोक सोनकर, प्रो. एके सिंह, डॉ. प्रकाशराज सिंह आदि मौजूद रहे।