वाराणसी। रक्तदान को जीवनदान इसलिए कहा गया है, क्योंकि इसमें आप बिना कुछ गंवाए जरूरतमंदों को जिंदगी का उपहार दे सकते हैं। इससे आपकी सेहत पर किसी भी तरह का विपरीत असर नहीं पड़ने वाला है। सोचिए, अस्पतालों में आज भी तमाम लोगों की जान रक्त के अभाव में चली जाती है। रक्त को कृत्रिम रूप से बनाया जाना अभी तक संभव नहीं हुआ है। एक व्यक्ति के रक्त से ही दूसरे व्यक्ति की जिंदगी बचाई जा सकती है।
अधिक से अधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान को अपनी आदत बनाएं तभी मौतों का आंकड़ा कम किया जा सकता है। रक्तदान को लेकर भ्रांतियां हैं लेकिन इनसे बचने की जरूरत है। अमर उजाला फाउंडेशन रक्तदान को प्रोत्साहित करने के लिए अरसे से अभियान चला रहा है। उत्तर भारत के कई शहरों में विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) और स्वैच्छिक रक्तदान दिवस (एक अक्तूबर) के अलावा समय-समय पर रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मौका आपके लिए फिर आ गया है। पिछले साल की तरह इस बार भी अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कारगिल विजय दिवस पर 26 जुलाई को सर सुंदर लाल अस्पताल के डॉक्टर्स लाउंज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। पिछले वर्ष 150 से अधिक लोगों ने भारतीय सेना के शौर्य को यादगार बनाने और कारगिल में शहीद सैनिकों के सम्मान में एक-एक यूनिट रक्तदान किया था। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहयोग से लगने वाले शामिल होकर आप रक्तदान-महादान के महायज्ञ में शामिल होकर जरूरतमंदों को जीवनदान दे सकते हैं।