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ऐसे तो बर्बाद हो जाएगा हजारों क्विंटल खाद्यान्न

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ज्ञानपुर। भदोही जिले में चावल भंडारण की समस्या ने धान खरीद से लेकर चावल उठान तक के पूरे सिस्टम को जाम कर दिया है। जगह की कमी के कारण क्रय केंद्रों से लेकर राइस मिलों तक हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे डंप पड़ गया है। मौसम के उठापटक के बीच कभी भी अगर इंद्रदेव की नजरें टेढ़ी हुईं तो किसानों की मेहनत और गरीबों का राशन मिट्टी में मिलते देर नहीं लगेगी। राइस मिलों पर 17020 मीट्रिक टन (एमटी) और क्रय केंद्रों पर 492 एमटी मिलाकर कुल 17512 एमटी धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है।जिले में अनाज भंडारण के लिए जगह नहीं है। राइस मिलों में चावल डंप पड़ा है तो बाहर हजारों क्विंटल धान। इससे राइस मिल धान की दराई नहीं कर पा रहे हैं। राइस मिलों में 17020 एमटी और धान क्रय केंद्र पर 492 एमटी धान डंप है। जिले में एफसीआई के हरियांव डिपो की भंडारण क्षमता पूरी हो गई है। 7500 एमटी क्षमता वाला डिपो की क्षमता को 2500 एमटी बढ़ाने का प्रशासनिक प्रयास किया जा रहा है। धान की खरीद 28 फरवरी तक होनी है, लेकिन अब तक लक्ष्य का 62.648 फीसदी ही खरीद हो सकी है। जबकि धान क्रय केंद्रों, डिपो और राइस मिलों में धान और चावल की हजारों बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं। इक्का-दुक्का केंद्रों पर मामूली खरीद को छोड़ दें, तो जिले के ज्यादातर केंद्रों पर धान खरीद भी नहीं हो रही है। इसके चलते धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो पाना मुश्किल हो गया है। चावल भंडारण की समस्या उत्पन्न होने से अधिकतर क्रय केंद्र धान की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसान भी परेशान हैं। अब तक मिलों में तैयार 45 फीसदी चावल की ही उठान हो सकी है। 55 फीसदी चावल की उठान नहीं होने से मिलों में धान रखने की भी जगह नहीं बची है। इससे मिलर धान का उठान नहीं कर रहे हैं। धान की दराई के लिए चयनित 21 राइस मिलें क्रय केंद्रों से धान का उठान नहीं कर रही हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने पर 36113 एमटी चावल की आवक होगी। केंद्रीय भंडारण निगम बभनौटी डिपो की क्षमता 5000 एमटी है। इसे हासिल करने में भी खाद्य विभाग सफल नहीं हो पा रहा है। हो गया तो भी पूरा चावल रख जिले में धान खरीद का लक्ष्य 53900 एमटी है। अब तक 33398.26 एमटी धान की ही खरीद की जा सकी है, जो लक्ष्य का 62.648 फीसदी है। अब तक 5002 किसानों का धान खरीदा गया है। मिलों में 22376.83 एमटी चावल तैयार है। जबकि 10827 एमटी चावल का ही उठान हो सका है, जो मात्र 45 फीसदी ही है। चावल भंडारण की समस्या उत्पन्न होने से धान की खरीद काफी धीमी हो गई है, जिससे किसान परेशान हैं। समस्या विकाराल होने से खाद्य विभाग के आला अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं।
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