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बिटिया बोल रहीं- टिकट ले लो... टिकट

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वाराणसी। महिलाएं किसी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम भी अब समानता की राह पर चल पड़ा है। रोडवेज की बसों में अब महिला परिचालक टिकट काटती नजर आ रही हैं। प्रदेश में 600 से ज्यादा महिला परिचालकों की भर्ती हुई है। इनमें से 22 की तैनाती वाराणसी मंडल में की गई है। वाराणसी से सोनभद्र, इलाहाबाद, आजमगढ़ सहित विभिन्न रूटों पर महिला परिचालक की देख-रेख में बसेें चलाई जा रही हैं। यह यात्रियों के लिए भी बिल्कुल नया अनुभव है। इलाहाबाद की बस में चलने वाली रागिनी चौबे ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें या उनकी अन्य महिला साथियों को बसों में परिचालक की जिम्मेदारी निभाने में कोई दिक्कत नहीं आती है। बताया-शुरू-शुरू में यात्रियों को बुलाकर बस में बिठाने में जरूर दिक्कत आई पर उस दौरान चालक का पूरा सहयोग मिला।
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वहीं बस में अक्सर सफर करने वाले राजीव चंद्रा ने बताया कि महिला, पुरुष परिचालकों से ज्यादा ईमानदार होती हैं। पुरुष परिचालक एक-दो रुपये लौटाने में अक्सर आनाकानी करते हैं पर महिला परिचालक इसमें भी पूरी सतर्कता बरतती हैं। एक बस के चालक संदीप कुमार ने बताया कि महिला परिचालकों के चलते यात्री लड़ने-झगड़ने से भी बचते हैं।
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महिला परिचालक बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। यात्रियों ने फीडबैक के तौर पर इस पहल की प्रशंसा की है। शिकायतें भी न के बराबर हैं।
- पीके त्रिपाठी, आरएम
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