नगर आयुक्त समेत अन्य अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया। सभागार में तोड़फोड़ की। विवेचना के दौरान शैलेंद्र यादव, राजेश कुमार यादव, मंगल प्रजापति, ओमप्रकाश सिंह, नईम अहमद, भरत लाल, शंभू नाथ व मुरारी यादव का नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाया था।
सुनवाई के दौरान मंगल, शंभूनाथ व मुरारी की मृत्यु हो गई। जबकि अन्य को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया। उधर, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अजय कुमार की अदालत ने मारपीट और नाबालिग से छेड़खानी के दो आरोपियों संतु उर्फ संतराम व सुनील राजभर उर्फ कटारू की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली। रमरेपुर, पहड़िया (लालपुर-पांडेयपुर) निवासी आरोपियों को 50-50 हजार की दो जमानतें और बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया।
चार बाल अपचारियों को कोर्ट ने दी जमानत
किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट सौरभ शुक्ला, त्र्यंबक नाथ और आरती सेठ की पीठ ने जानलेवा हमले के चार आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली। बाल अपचारियों को पिता की सरंक्षण में 50-50 हजार की दो जमानतें और बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया।
गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषमुक्त
25 साल पहले फूलपुर थाने के गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में अपर जिला जज (त्रयोदश) सुशील खरवार की अदालत ने आरोपी विनोद कुमार गुप्ता को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। साल 2000 के मामले में आरोप रहा कि आरोपी विनोद कुमार गुप्ता निवासी फूलपुर एक पेशेवर अपराधी है।
इसका संगठित गिरोह है। जिसमें विजेंद्र यादव, बब्लू सक्रिय हैं। ये लूट, असलहे की खरीद बिक्री करते थे। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद आरोपी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।