श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सुगम दर्शन कराने का झांसा देकर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली करने के 21 आरोपियों को मंगलवार को दशाश्वमेध और चौक थाने की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों का चालान कर अदालत में पेश किया गया। दर्शन कराने के नाम पर अवैध वसूली में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिसकर्मी श्रद्धालु बनकर मंदिर के इर्द-गिर्द और गलियों में घूम रहे थे।
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एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि दशाश्वमेध सर्किल का कार्यभार संभालने के बाद गोदौलिया और चौक क्षेत्र के व्यापारियों, यातायात मित्रों के साथ बैठक की। व्यापारियों ने बताया कि गलियों में घूम कर पंडों की वेशभूषा में कुछ युवक और फूल-माला बेचने वाले दुकानदार श्रद्धालुओं से ठगी करते हैं। सुगम दर्शन कराने का झांसा देकर 500 से 2000 रुपये तक वसूली करते हैं। रुपये लेने के बाद वे श्रद्धालुओं को भीड़ के बीच छोड़ कर गायब हो जाते हैं। इससे काशी की छवि धूमिल हो रही है।
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एचडी सीसी कैमरों से निगरानी, दो थानाध्यक्षों और छह पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
एसीपी दशाश्वमेध ने बताया कि मुखबिरों की मदद से सूचना एकत्रित कर हाई डेफिनिशन (एचडी) सीसी कैमरों की मदद से निगरानी कराई गई। चिह्नित चेहरों को पकड़ने के लिए दशाश्वमेध थानाध्यक्ष विजय कुमार शुक्ला और चौक थानाध्यक्ष विमल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में छह पुलिसकर्मियों को विश्वनाथ मंदिर जाने वाली मुख्य सड़क और गलियों में सादे कपड़ों में श्रद्धालु बनाकर भेजा गया। पुलिसकर्मियों ने पता करना शुरू किया तो एक-एक कर 21 लोग पकड़े गए।
इनकी हुई गिरफ्तारी
बड़ी पियरी का निखिल पांडेय व उसका भाई लकी पांडेय, राजू पांडेय, हौज कटोरा बांसफाटक का प्रतीक सिंह, बलुवावीर आदमपुर का मोनू सिंह, लहरतारा का गुरु प्रसाद जायसवाल उर्फ ऋषि, कबीर नगर दुर्गाकुंड का विशाल पांडेय व दो सगे भाई ईशान मिश्रा व विनायक मिश्रा, छोटी पियरी का संकठा प्रसाद पांडेय, रानी भवानी का रंधावा विश्वकर्मा, नई बस्ती लहरतारा का छोटू पांडेय, पानी की टंकी चौकाघाट का संजय पांडेय, त्रिलोचन बाजार आदमपुर का मनीष पांडेय, बड़ा गंभीर सिंह सोनारपुरा का सचिन जायसवाल, सूजाबाद पड़ाव का गोलू साहनी, महमूरगंज का अजय कुमार, जंगमबाड़ी का बृजेश कुमार, दशाश्वमेध का पवन साहनी, चंदौली के पड़ाव भोजपुर का अजय कुमार और मिर्जापुर के रसूलागंज छोटा मिर्जापुर का अमीर।
महाकुंभ के पलट प्रवाह से शुरू की वसूली, ज्यादातर हाईस्कूल-इंटर पास
एसीपी दशाश्वमेध ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में ज्यादातर हाईस्कूल या इंटरमीडिएट पास हैं। आरोपियों ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ के पलटप्रवाह के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु काशी आए थे। उस दौरान कई श्रद्धालु खुद ही लोगों से विश्वनाथ धाम और कालभैरव मंदिर में जल्दी दर्शन-पूजन का जुगाड़ पूछते थे। इसके बदले रुपये देने के लिए तैयार रहते थे। कुछ श्रद्धालुओं को विश्वनाथ धाम के प्रवेश द्वार तक ले जाकर भीड़ के बीच छोड़ कर निकल जाते थे। कुछ श्रद्धालुओं को गलियों में ही भटका कर भाग जाते थे। सुबह से शाम तक तीन से चार श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर घर चले जाते थे।
एसीपी दशाश्वमेध ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में जो भी श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने आएं, वह किसी के झांसे में न आएं। सुगम दर्शन के लिए विश्वनाथ धाम की वेबसाइट या फिर मंदिर प्रशासन के काउंटर से बुकिंग कराई जा सकती है। अगर कोई प्राइवेट व्यक्ति यह दावा करे कि वह विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन करा देगा तो उसकी सूचना तत्काल नजदीक के पुलिस बूथ पर या पुलिसकर्मी को दें।