वाराणसी। बीएचयू से निष्काषित छात्र गौरव सिंह की हत्या में नामजद मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के धर्मपुरा निवासी रूपेश तिवारी को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। शैलेंद्र की निशानदेही पर बीएचयू परिसर से .32 बोर की देसी पिस्टल और एक कारतूस बरामद किया गया है। वहीं, प्रकरण में नामजद विनय द्विवेदी, प्रोफेसर और रावण की तलाश जारी है।
एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या मंगलवार की शाम बीएचयू परिसर स्थित बिड़ला ए चौराहा के समीप गोली मार कर की गई थी। प्रकरण के आरोपी कुमार मंगलम और आशुतोष त्रिपाठी को पुलिस ने गुरुवार को जेल भेजा था। वहीं, छात्रों की पिटाई में घायल रूपेश का उपचार चल रहा था। इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने बताया कि चार पिस्टल से रूपेश, विनय, प्रोफेसर और रावण ने फायरिंग की थी। चारों पिस्टल का इंतजाम प्रोफेसर और रावण ने किया था। दो पिस्टल रूपेश ने फरार विनय द्विवेदी को छुपाने के लिए दे दिया था, एक को बीएचयू स्थित कैंसर अस्पताल के पास छुपा कर रखा था और एक पिस्टल प्रोफेसर व रावण लेकर चले गए थे। लंका इंस्पेक्टर ने बताया कि अन्य तीनों आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें छापेमारी कर रही हैं।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि बीएचयू से निष्कासित 20 छात्रों की गतिविधियों की पुलिस निगरानी कर रही है। सभी के खिलाफ दर्ज मुकदमों को सूचीबद्ध करा कर अदालत में प्रभावी पैरवी कर उन्हें सजा दिलाई जाएगी। इस बीच निष्कासित 20 छात्रों में से यदि कोई भी बीएचयू परिसर में दिखा तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी ने कहा कि अब तक बीएचयू परिसर का माहौल जितने भी बार अराजक हुआ, उसमें निष्कासित छात्रों की भूमिका ही सामने आई है।