वाराणसी। बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ तय समय में जांच पूरी न होने के विरोध में शनिवार को छात्र कुलपति से मिलने केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। यहां उन्हें कार्यालय के बाहर ही रोक लिया गया, इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर धरना दिया। उधर, सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय कार्यालय का गेट अंदर से बंद कर लिया गया, जिससे कि छात्र अंदर न जा सकें। आधे घंटे बाद कुलपति से मिलवाया गया तब जाकर मामला शांत हुआ।
बीएचयू में नर्सिंग छात्रा की पिटाई करने सहित अन्य छात्रों पर मुकदमा दर्ज कराने के बाद छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर कार्रवाई की मांग पर 30 नवंबर से 17 दिसंबर तक केंद्रीय कार्यालय पर धरना दिया। 17 दिसंबर को जिलाधिकारी और कुलपति से बातचीत के बाद छात्र अधिष्ठाता ने एक आदेश जारी कर एक महीने के भीतर चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ गठित जांच समिति की जांच पूरी होने का जिक्र किया था। तय समय बीत जाने के बाद जब जांच पूरी न होने पर छात्र आशुतोश सिंह यीशु के नेतृत्व में शनिवार को कुलपति से मिलने केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। यहां पहले उन्हें मेन गेट पर रोका गया बाद में किसी तरह अंदर पहुंचे तो चैनल गेट बंद कर लिया गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे लंका इंस्पेक्टर ने बातचीत कर छात्रों को कुलपति से मिलवाया। उधर, कुलपति से बातचीत कर छात्रों ने इस मामले में एक सप्ताह का और समय दिया है।