रामनगर। विश्वप्रसिद्ध भोर की आरती देखने के लिए एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु मंगलवार अल सुबह रामनगर में एकत्रित हुए। पूरा अयोध्या मैदान लीला प्रेमियों से खचाखच भरा था।
चौदह वर्ष के वनवास से लौटे श्री राम के राज्याभिषेक की लीला सोमवार शाम को की गई। पूरी रात प्रभु राजसिंहासन पर विराजे। जानकी जी और तीनों भाई भी साथ के आसनों पर सुशोभित रहे। लीला प्रेमियों ने रातभर जागकर उनके दर्शन किए। जैसे-जैसे रात ढलती गई, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। भोर में पांच बजे अयोध्या मैदान पूरी तरह श्रद्धालुओं से पट गया। काशी राज परिवार के अनंत नारायण सिंह दुर्ग से पैदल चलकर अयोध्या मैदान में आरती लेने पहुंचे तो लीला प्रेमियों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। दस मिनट तक चली आरती के लिए श्रद्धालुओं ने रातभर जागकर इंतजार किया। आरती के बाद पांचों स्वरूपों श्री राम, सीताजी, भरतजी, लक्ष्मणजी और शत्रुघ्नजी को सेवक अपने कंधों पर पैठकर गंगा दर्शन कराने के बाद बलुआ घाट स्थित धर्मशाला में वापस ले गए।
इससे पहले पूरी रात सड़कों पर लीला प्रेमियों की आवाजाही बनी रही। त्रिपौलिया गेट के पास मां शेरोंवाली समिति और लक्ष्मी नारायण मंदिर में भारत विकास परिषद द्वारा जागरण का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाहर से आए थे।