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171 गांवों में गहराएगा पेयजल संकट

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ज्ञानपुर। अत्यधिक जल दोहन और जल संरक्षण की कारगर पहल के अभाव में डार्क जोन घोषित जिले के दो ब्लॉकों ज्ञानपुर और भदोही में पेयजल संकट गहरा गया है। बढ़ती गर्मी के साथ यह संकट और गहराने के आसार हैं। इन ब्लॉकों में जलस्तर 140 फीट के आसपास पहुंच गया है। पूर्व के वर्षों में सामान्य से कम बारिश होने से जलस्तर तेजी से खिसक रहा है। डार्क जोन के कारण इन ब्लॉकों में गहरी ओर मध्यम वर्ग की बोरिंग नहीं होनी चाहिए, लेकिन गुपचुप तरीके से बोरिंग की जा रही है। वैसे तो पूरा जिला डार्क जोन में था, लेकिन चार माह पूर्व औराई, सुरियावां, अभोली और डीघ ब्लॉक को डार्क जोन से बाहर कर दिया गया।
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पिछले एक दशक से मानक से कम बारिश होने और अत्यधिक जल दोहन के कारण जिले का भूगर्भ जलस्तर 50 से 80 फीट तक नीचे चला गया। भविष्य में पेयजल संकट के मद्देनजर केंद्रीय भूगर्भ टीम की रिपोर्ट पर 2012 में शासन ने ज्ञानपुर, भदोही, औराई, डीघ, अभोली और सुरियावां समेत जिले के सभी ब्लॉकों को डार्क जोन में डाल दिया गया। इसके चलते जिले में गहरी और मध्यम श्रेणी की बोरिंग (250 से 300 फीट) पर रोक लगा दी गई थी। इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। शासन और प्रशासन की पहल से जिले में पांच साल के दौरान जल संरक्षण के लिए 500 से अधिक तालाब खोदे गए। जलस्तर में सुधार होने पर चार माह पूर्व जिले के चार ब्लॉकों को डार्क जोन से हटा दिया गया, लेकिन अब भी ज्ञानपुर और भदोही जैसे बड़े ब्लॉक डार्कजोन से नहीं हट सके। बता दें कि जिले में 425 राजकीय नलकूप के अलावा लघु सिंचाई विभाग की ओर 200 नलकूप लगाए गए हैं। केएनपीजी कॉलेज के पर्यावरणविद डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि जल दोहन से पानी का स्तर तेजी से नीचे खिसक जाता है। भविष्य में हैंडपंप, कुओं का पानी न सूखे, इसके लिए डार्क जोन घोषित किया जाता है। लघु एवं सिंचाई विभाग के अवर अभियंता छोटेलाल ने कहा कि जलस्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए भदोही और ज्ञानपुर में फिलहाल बोरिंग तो नहीं होगी लेकिन किसान विद्युतीकरण करा सकेंगे।
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